
मुहम्मद यूनुस के राज में अल्पसंख्यकों पर टूटा कहर, बांग्लादेश में 7 महीनों के डराने वाले आंकड़े
रिपोर्ट में कहा गया है कि इन हत्याओं को आपराधिक कृत्य बता कर खारिज नहीं किया जा सकता है। संगठन ने इसे लगातार और देशव्यापी हिंसा बताया है, जिस पर लगाम लगाने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है।
बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार से देश संभल नहीं रहा है। अंतरिम सरकार बनने के बाद से अल्पसंख्यक समुदायों पर हिंसा के मामलों में तेजी से उछाल आया है और इस पर लगाम लगाने में यूनुस सरकार पूरी तरह नाकामयाब रही है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट में इसे लेकर कुछ डराने वाले आंकड़े सामने आए हैं। ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनोरिटीज (HRCBM) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, 6 जून 2025 से 5 जनवरी 2026 के बीच सिर्फ सात महीनों में अल्पसंख्यक समुदाय के कम से कम 116 लोगों की हत्या कर दी गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह हिंसा देशभर में फैली हुई है और इसे अलग-अलग इलाकों की छिटपुट घटनाएं नहीं कहा जा सकता। रिपोर्ट के मुताबिक ये हत्याएं बांग्लादेश के सभी आठ प्रशासनिक डिवीजन और 45 जिलों में हुई हैं। मानवाधिकार संगठन का यह कहना भी है कि हाल के सालों में यह अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का सबसे गंभीर दौर है।
भयावह आंकड़े
HRCBM ने इस हिंसा को ऐतिहासिक संदर्भ में भी रखा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह करीब आठ दशकों से चली आ रही समस्या है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 1946 में बांग्लादेश की आबादी में अल्पसंख्यकों की हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत थी, जो 2020 तक घटकर 9 प्रतिशत से भी कम रह गई। संगठन का कहना है कि यह गिरावट पीढियों से पूरे समुदायों को निशाना बनाने वाले अपराधों का नतीजा है।
चुनाव से पहले हिंसा का दौर जारी
इससे पहले बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (बीएचबीसीयूसी) ने पिछले महीने देश में सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं दर्ज की थीं। इनमें 10 हत्याएं, चोरी और डकैती के 10 मामले, घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, मंदिरों पर कब्जा करने, लूटपाट और आगजनी से जुड़ी 23 घटनाएं शामिल हैं। इसके अलावा जनवरी में अब तक 5 और हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है, जिससे दिसंबर से अब तक मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 15 हो गई है।
भारत ने दी है चेतावनी
भारत ने बीते शुक्रवार को इस मामले पर चिंता जताते हुए बांग्लादेश से कहा है कि वह अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों से तुरंत और सख्ती से निपटे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘हम अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर चरमपंथियों द्वारा बार-बार किए जा रहे हमलों का चिंताजनक सिलसिला देख रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस तरह की सांप्रदायिक घटनाओं से तुरंत और सख्ती से निपटना जरूरी है। जायसवाल ने कहा, ‘‘हमने इस तरह की घटनाओं को व्यक्तिगत दुश्मनी, राजनीतिक मतभेदों या बाहरी कारणों से जोड़ने की एक चिंताजनक प्रवृत्ति देखी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की अनदेखी से अपराधियों का हौसला बढ़ता है और अल्पसंख्यकों के बीच भय एवं असुरक्षा की भावना और गहरी हो जाती है।’’

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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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