हिंदू का घर जला दिया, परिवार मुश्किल से भागा; बांग्लादेश में अब शिक्षक बने निशाना
सिलहट के गोवैनघाट उपजिला में शिक्षक बीरेंद्र कुमार डे के घर को आग के हवाले कर दिया गया। उन्हें झुनु सर के नाम से भी जाना जाता है। इस घटना के बाद से रहवासियों में डर और गुस्से का माहौल है। उन्होंने घटना की गहन जांच की मांग की है।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों का दौर जारी है। अब खबर है कि मुल्क में एक हिंदू शिक्षक के घर में आग लगा दी गई। फिलहाल, वजह साफ नहीं हो सकी है, लेकिन इस घटना ने स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय के मन में नया डर पैदा कर दिया है। बीते साल अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद बड़े स्तर पर हिंदू समुदाय के ठिकानों पर हमले किए गए थे।
न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, सिलहट के गोवैनघाट उपजिला में शिक्षक बीरेंद्र कुमार डे के घर को आग के हवाले कर दिया गया। उन्हें झुनु सर के नाम से भी जाना जाता है। इस घटना के बाद से रहवासियों में डर और गुस्से का माहौल है। उन्होंने घटना की गहन जांच की मांग की है। साथ ही समुदाय को बचाने और न्याय दिलाने की भी मांग की है।
फिलहाल, जनहानि की खबरें नहीं हैं। साथ ही आरोपी की पहचान भी नहीं हो सकी है। इससे पहले भी अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले कई लोगों की हत्या कर दी गई। इनमें कारोबारी खोखेन दास, दीपू दास समेत कई नाम हैं।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमले
किराना दुकान के 40 वर्षीय मालिक मोनी चक्रवर्ती की चारसिंदूर बाज़ार में अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से वार करके हत्या कर दी थी। बर्फ बनाने की फैक्टरी के मालिक और नरैल से प्रकाशित होने वाले 'दैनिक बीडी खबर' नामक समाचार पत्र के कार्यवाहक संपादक राणा प्रताप बैरागी की पांच जनवरी को दक्षिणी बांग्लादेश के जेस्सोर जिले में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
दुकान बंद कर घर लौट रहे हिंदू व्यापारी खोकोन चंद्र दास पर 31 दिसंबर की रात बदमाशों ने बेरहमी से हमला किया, उन पर धारदार हथियार से वार किए और फिर आग लगा दी।
राजबारी कस्बे के पांग्शा उप जिला में 24 दिसंबर को जबरन वसूली के आरोप में उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
मंडल ने कथित तौर पर एक आपराधिक गिरोह बनाया था और जबरन वसूली और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल था। स्थानीय लोगों ने तब उस पर हमला किया जब उसने अपने गिरोह के सदस्यों के साथ मिलकर एक निवासी से धन वसूलने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, मंडल के खिलाफ हत्या समेत कम से कम दो मामले दर्ज थे।
कपड़ा कारखाने में काम करने वाले दीपू चंद्र दास की 18 दिसंबर को मैमनसिंह शहर के बलुका में कथित ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। बाद में उनके शव को आग लगा दी गई। दास की हत्या में कथित संलिप्तता के आरोप में कम से कम 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के प्रवक्ता के अनुसार, दिसंबर से अब तक हिंदू समुदाय के सात लोगों की हत्या हो चुकी है। हालांकि, परिषद ने दो पीड़ितों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।

लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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