हिंदू संत चिन्मय दास को बांग्लादेश की कोर्ट से मिली जमानत, लेकिन जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे
बांग्लादेश के चटगांव कोर्ट ने हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास को 2023 के एक मामले में जमानत दे दी है। हालांकि, वकील की हत्या और 6 अन्य गंभीर मामलों के कारण वे अभी जेल में ही रहेंगे। पढ़ें इस हाई-प्रोफाइल केस की पूरी डिटेल।

बांग्लादेश की एक अदालत ने हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास को एक मामले में जमानत दे दी है। हालांकि, अन्य मुकदमों के कारण वे अभी भी पुलिस हिरासत में यानी जेल में ही रहेंगे। यह आदेश गुरुवार को चटगांव में न्यायिक मजिस्ट्रेट सखावत हुसैन ने एक सुनवाई के बाद जारी किया। चिन्मय दास पर एक वकील की हत्या सहित छह अन्य मामले दर्ज हैं, जिसके कारण उनकी रिहाई अभी संभव नहीं है।
जमानत वाले मामले की पृष्ठभूमि
चिन्मय दास के वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने फोन पर समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि जिस मामले में उन्हें जमानत मिली है, वह 2023 में दर्ज किया गया था। यह मामला पूर्व मंत्री मीर मोहम्मद नासिर उद्दीन (पर्वतीय क्षेत्र और भूमि राज्य मंत्री मीर मोहम्मद हेलाल उद्दीन के पिता) द्वारा दायर किया गया था। चटगांव के हठजारी स्थित मेखल इलाके में जमीन हड़पने, डराने-धमकाने और मारपीट करने का आरोप है। इस मामले में चिन्मय कृष्ण दास समेत कुल छह लोगों को आरोपी बनाया गया था।
वकील की हत्या और अन्य गंभीर मामले
चिन्मय दास की मुश्किलें अन्य गंभीर मामलों के कारण कम नहीं हुई हैं। 26 नवंबर, 2024 को राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान से जुड़े देशद्रोह के एक मामले में चिन्मय की जमानत पर सुनवाई के दौरान भारी हिंसक झड़पें हुई थीं। इसी हिंसा के दौरान वकील सैफुल इस्लाम की बेरहमी से पीट-पीटकर और धारदार हथियारों से काटकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद, उनके पिता जमाल उद्दीन ने 31 लोगों को नामजद करते हुए हत्या की एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी। इन घटनाओं के बाद पुलिस पर हमले, सरकारी कामकाज में बाधा डालने, वकीलों और वादियों पर हमले तथा कॉकटेल (देसी बम) विस्फोट के आरोप में भी मामले दर्ज किए गए।
मामले की वर्तमान स्थिति (ट्रायल)
हत्या के इस मामले में पुलिस ने पिछले साल 1 जुलाई को ही आरोप पत्र (चार्जशीट) अदालत में पेश कर दिया था। पुलिस चार्जशीट में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि वकील सैफुल इस्लाम की हत्या चिन्मय कृष्ण दास के उकसावे और उनके सीधे निर्देशों पर की गई थी। 25 अगस्त को अदालत ने चिन्मय कृष्ण दास सहित कुल 39 आरोपियों के खिलाफ इस आरोप पत्र को स्वीकार कर लिया था। वर्तमान में इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई चल रही है और यह ट्रायल अभी गवाहों की गवाही के चरण में है।
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