बांग्लादेश में अगले हफ्ते चुनाव, भारत और हिंदुओं को लेकर पार्टियों के मैनिफेस्टो में क्या-क्या?
बांग्लादेश में यह चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब भारत बांग्लादेश के रिश्ते तनाव से गुजर रहे हैं। यूनुस सरकार के नेतृत्व में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की खबरों पर भारत ने गहरी चिंता जताई है।
बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद पहली बार आम चुनाव होने को हैं। यह चुनाव भारत के लिए भी अहम है। मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने जब से देश की जिम्मेदारी संभाली, भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव चरम पर पहुंच गए। वहीं पड़ोसी देश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार की लगातार आ रही खबरें भी चिंताजनक हैं। ऐसे में यह चुनाव को लेकर इस बात पर सबकी नजरें टिकी हैं कि चुनाव में उतर रहीं पार्टियों का इन मसलों पर क्या रुख है।
बता दें कि बांग्लादेश में आगामी 12 फरवरी को मतदान होगा। चुनाव से ठीक एक हफ्ते पहले दो बड़ी पार्टियों का भारत और हिंदू समुदाय को लेकर रुख भी लगभग साफ हो गया है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के घोषणापत्र में इसकी झलक देखने को मिल रही है।
भारत को लेकर क्या रुख?
17 साल बाद वतन लौटे तारिक रहमान ने BNP की कमान संभाल ली है। जब से वह बांग्लादेश लौटे हैं, उन्होंने एक ही नारा दिया है: बांग्लादेश फर्स्ट। BNP का मैनिफेस्टो भी इसी पर आधारित है। तारिक रहमान ने कहा है कि बांग्लादेश ना तो किसी के आंतरिक मामलों में दखल देगा और ना ही अपने मामलों में दखल बर्दाश्त करेगा। उन्होंने पहले भी कहा था, “न दिल्ली, न पिंडी, सबसे पहले बांग्लादेश।” यह बयान भारत के लिए इसीलिए अहम है क्योंकि यूनुस के राज में बांग्लादेश ने एक बार फिर पाकिस्तान से नजदीकियां बढ़ा ली थीं। हालांकि अब तारिक रहमान इससे अलग दिशा पर चलते नजर आ रहे हैं।
वहीं जमात-ए-इस्लामी ने अपने घोषणापत्र में भारत के साथ शांतिपूर्ण, मित्रवत और सहयोगी संबंध बनाने की बात कही है। हैरानी का बात यह है कि इसमें पाकिस्तान का कहीं जिक्र नहीं है। हालांकि पार्टी ने मुस्लिम देशों से रिश्तों को प्राथमिकता देने की बात कही है। वहीं अमेरिका, यूरोपीय संघ, जापान और कनाडा जैसे देशों से भी अच्छे संबंध की बात की गई है।
हिंदुओं की सुरक्षा पर क्या?
हिंदुओं की सुरक्षा भी बांग्लादेश में चुनाव का बड़ा मुद्दा है। बीएनपी ने हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की जान, संपत्ति और पूजा स्थलों की सुरक्षा के लिए सख्त कानूनी प्रावधान का वादा किया है। घोषणापत्र में सभी धर्मों के नेताओं के लिए भत्ता और कल्याण योजनाओं की बात भी है। वहीं दूसरी तरफ जमात ने हिंदुओं की सुरक्षा पर स्पष्ट वादा नहीं किया है, सिर्फ धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों को प्रतिनिधित्व देने की बात कही है।
लेखक के बारे में
Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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