हसीना को वापस भेजो… बांग्लादेश चुनाव में जीत के बाद तारिक रहमान की BNP ने फिर उठाई मांग
बांग्लादेश चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद उत्साहित बीएनपी ने एक बार फिर से शेख हसीना को वापस भेजने की मांग की है। बीएनपी की तरफ से कहा गया कि वह हसीना को वापस लाने की अपनी मांग पर अडिग है। वह भारत से आग्रह करेंगे की उन्हें जल्दी वापस भेजा जाए।

बांग्लादेश चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने एक बार फिर से भारत के सामने शेख हसीना को वापस भेजने की मांग दोहराई है। चुनाव परिणाम में विजयी साबित होने के तुरंत बाद बीएनपी ने भारत से अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने की अपील की ताकि बांग्लादेश में उनके खिलाफ केस चलाया जा सके।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि उनकी पार्टी औपचारिक रूप से भारत से हसीना को वापस बांग्लादेश भेजने का आग्रह करेगी ताकि उन पर मुकदमा चलाया जा सके। उन्होंने कहा, "बांग्लादेशी विदेश मंत्री पहले ही उनके प्रत्यर्पण का मुद्दा उठा चुके हैं और हम उनका समर्थन करते हैं। हमने कानून के अनुसार लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग की है। यह दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच का विषय है। हमने भारत सरकार से भी आग्रह किया है कि हसीना को जल्दी से जल्दी बांग्लादेश भेजा जाए ताकि वे मुकदमे का सामना करें।" अहमद ने अपना रुख साफ करते हुए कहा कि बांग्लादेश और बीएनपी सभी पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहती है, लेकिन यह भी स्पष्ट है कि इसका आधार समानता होना चाहिए।
शेख हसीना पर भारत का क्या रुख?
अगस्त 2024 में कथित छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना को सत्ता छोड़कर भारत आना पड़ा था। तब से लेकर अब तक वह भारत में ही है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भी इस मामले को भारत के सामने कई बार उठाने की कोशिश की थी। नवंबर में विदेश मंत्रालय ने इस अनुरोध का जवाब देते हुए कहा था कि इस अनुरोध को कानून की प्रक्रियाओं पर परखा जा रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने कहा, "हम बांग्लादेश के लोगों के सर्वोत्तम हितों और वहां शांति, लोकतंत्र, समावेशन और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्ध हैं। हम इस संबंध में सबी पक्षों के साथ बातचीत जारी रखेंगे।
गौरतलब है कि शेख हसीना ने हाल ही में बांग्लादेशी चुनाव को ढोंग करार दिया था। उन्होंने कहा था कि वह बांग्लादेश आने के लिए तैयार हैं, लेकिन उसके पहले मुहम्मद यूनुस को इस्तीफा देना होगा और एक निष्पक्ष न्यायपालिका में उनके केसों को रखा जाए। हसीना का आरोप है कि उनके खिलाफ चलाए जा रहे सारे मामले राजनैतिक षड्यंत्र का परिणाम हैं।
कहां है शेख हसीना?
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना इन सत्ता छोड़ने के बाद से ही भारत में शरण लिए हुए हैं। वह राजधानी दिल्ली में किसी अज्ञात स्थान पर हैं। बांग्लादेश में पिछली साल एक विशेष न्यायाधिकरण ने उन पर मानवता के खिलाफ अपराध का मामला चलाया था, जिसमें उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी।
भारत आने के बाद हसीना सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए हुए हैं। हालांकि, वह बराबर अपने समर्थकों को बयानों के जरिए संबोधित करती रहती हैं। मोहम्मद यूनुस ने भी कई बार इस बात का जिक्र करते हुए कहा कि हसीना को अब बांग्लादेश की राजनीति से जुड़ी बातों पर बयान नहीं देना चाहिए।

लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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