बांग्लादेश ने रचा इतिहास, शुरू किया पहला परमाणु ईंधन लोडिंग, रूपपुर से मिलेगी 10% बिजली

Devendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
share

बांग्लादेश ने अपने पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र रूपपुर में यूरेनियम ईंधन लोड करने की ऐतिहासिक प्रक्रिया शुरू कर दिया है। यह देश के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर है, जो 2400 मेगावाट क्षमता वाले इस प्लांट के जरिए देश की कुल बिजली मांग का करीब 10 प्रतिशत पूरा करने की राह खोलेगा।

बांग्लादेश ने रचा इतिहास, शुरू किया पहला परमाणु ईंधन लोडिंग, रूपपुर से मिलेगी 10% बिजली

बांग्लादेश मंगलवार को अपने पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र रूपपुर में यूरेनियम ईंधन लोड करने की ऐतिहासिक प्रक्रिया शुरू कर दिया है। यह देश के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर है, जो 2400 मेगावाट क्षमता वाले इस प्लांट के जरिए देश की कुल बिजली मांग का करीब 10 प्रतिशत पूरा करने की राह खोलेगा। ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, 2400 मेगावाट क्षमता वाले रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में ईंधन भरने का कार्यक्रम मूल रूप से 7 अप्रैल को प्रस्तावित था, लेकिन नियामक मंजूरियों और सुरक्षा संबंधी कुछ अनसुलझे मुद्दों के कारण कई बार टाल दिया गया था।

ईंधन लोडिंग समारोह में बांग्लादेशी और रूसी अधिकारियों ने भाग लिया। समारोह के दौरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी का रिकॉर्डेड संदेश भी सुनाया और दिखाया गया, जिसमें उन्होंने इस मील के पत्थर के लिए बांग्लादेश को बधाई दी। रूस द्वारा वित्तपोषित और तकनीकी सहयोग से बनाया जा रहा रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र बांग्लादेश की अब तक की सबसे बड़ी ऊर्जा परियोजना है, जिसका निर्माण कार्य 2017 में शुरू हुआ था।

अधिकारियों के मुताबिक, अगस्त तक संयंत्र से लगभग 300 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू हो जाने की उम्मीद है, जबकि पूर्ण उत्पादन 2027 के अंत तक शुरू हो जाएगा। संयंत्र में दो इकाइयां हैं, प्रत्येक की क्षमता 1200 मेगावाट है। पहली इकाई का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि दूसरी इकाई का काम 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में पूरा होने की संभावना है।

प्रधानमंत्री के सूचना एवं प्रसारण सलाहकार जाहिद उर रहमान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह परियोजना बांग्लादेश की कुल बिजली मांग का 10 प्रतिशत पूरा करेगी और लगभग 20 लाख लोगों को सीधा लाभ पहुंचाएगी।

बता दें कि बांग्लादेश इस समय गंभीर ऊर्जा चुनौतियों का सामना कर रहा है। देश का बिजली ग्रिड हर साल गर्मी के मौसम में भारी दबाव में आ जाता है। इस बार पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण स्थिति और बिगड़ गई है। बांग्लादेश अपनी तेल और गैस की 95 प्रतिशत जरूरतें आयात से पूरी करता है, जिनमें अधिकांश आपूर्ति मध्य पूर्व से होती है। फरवरी के अंत में शुरू हुए अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बाद होर्मुज स्ट्रेट से ऊर्जा शिपमेंट बाधित हो गए हैं।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।