
21 जनवरी 2026... शेख हसीना के खिलाफ देशद्रोह मामले में सुनवाई, बांग्लादेश कोर्ट का बड़ा फैसला
बांग्लादेश की एक अदालत ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और 285 अन्य लोगों के खिलाफ राजद्रोह के मामले में आरोप तय करने की तारीख 21 जनवरी निर्धारित की। यह मामला उन आरोपों से संबंधित है कि हसीना और अवामी लीग के सैकड़ों सदस्यों ने ऑनलाइन बैठक में भाग लिया था।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ देशद्रोह का गंभीर मामला चल रहा है, जिसमें उन पर अंतरिम सरकार को अस्थिर करने की साजिश रचने का आरोप है। ढाका की एक अदालत ने इस मामले में आरोप गठन की सुनवाई के लिए 21 जनवरी 2026 की तारीख तय की है। यह मामला अवामी लीग से जुड़े 'जॉय बांग्ला ब्रिगेड' की एक ऑनलाइन बैठक से जुड़ा है, जिसमें हसीना सहित सैकड़ों लोग शामिल बताए जा रहे हैं। हसीना अगस्त 2024 में बड़े छात्र आंदोलन के बाद देश छोड़कर भारत आ गई थीं, जिसके बाद प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार सत्ता में आई। इस केस में कुल 286 लोग आरोपी हैं और हसीना समेत अधिकांश फरार चल रहे हैं।
समाचार पोर्टल 'टीबीएस न्यूज' के अनुसार, हसीना और अवामी लीग के सैकड़ों सदस्यों ने दिसंबर 2024 में 'जॉय बांग्ला ब्रिगेड' नामक समूह की एक ऑनलाइन बैठक में हिस्सा लिया था। आरोप है कि बैठक के दौरान उन्होंने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को सत्ता से हटाने की कथित साजिश रची। यह समूह अवामी लीग और हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान की विरासत का मजबूत समर्थक है। सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश अब्दुस सलाम ने हसीना और 285 अन्य लोगों के खिलाफ आरोप गठन के लिए 21 जनवरी की तारीख निर्धारित की।
बता दें कि छात्रों के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद 5 अगस्त 2024 को हसीना बांग्लादेश छोड़कर भारत चली गई थीं। उसी साल 8 अगस्त को यूनुस ने अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला। यह मामला पिछले साल मार्च में आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा दर्ज किया गया था, जिसने 30 जुलाई को 286 आरोपियों के नाम लेकर आरोपपत्र दाखिल किया। समाचार पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने 14 अगस्त को आरोपपत्र स्वीकार किया और आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए। 11 सितंबर को यात्रा प्रतिबंध लगाया गया, जबकि 14 अक्टूबर को अदालत ने अखबारों में नोटिस प्रकाशित करने का आदेश दिया, जिसमें हसीना सहित 261 फरार आरोपियों को अदालत में पेश होने को कहा गया।
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में मामले को ढाका मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत से ढाका मेट्रोपॉलिटन सत्र अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था। पिछले साल छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों पर सरकार की सख्त कार्रवाई के लिए हसीना को नवंबर में एक विशेष अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा 'मानवता के खिलाफ अपराध' के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी।

लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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