बलूचिस्तान पाक की काली करतूतों का जिंदा गवाह, बलोच नेता ने पूरी दुनिया से लगाई ये गुहार
बलोच नेता ने कहा है कि यहां के प्रतिनिधियों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बुलाया जाया जाना चाहिए और उन्हें अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि बलूचिस्तान की बात को सीधे सुना जाना चाहिए।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत से कई सालों से पाक सरकार के दमन के खिलाफ आवाज उठती रही है। बलोच नेता मीर यार बलूच बीते कुछ समय से इसकी अगुवाई कर रहे हैं। अब हाल ही में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सहित अन्य वैश्विक हितधारकों से बलूचिस्तान जाकर वहां की स्थिति देखने की अपील की है। मीर ने दावा किया है कि दशकों से पाकिस्तान की सरकार यहां के लोगों का शोषण कर रही है और बलूचिस्तान पाक सरकार की काली का जीता जागता गवाह है। उन्होंने यहां आने वालों अधिकारियों को सुरक्षा का भी भरोसा दिया है।
मीर बलूच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अपना दर्द साझा किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, मानवाधिकार संगठनों, OIC, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, वैश्विक मीडिया और को बलूचिस्तान आने का न्योता दिया ताकि वे जमीनी हकीकत देख सकें। मीर यार बलूच ने कहा है कि बलूचिस्तान क्षेत्र का दौरा करने वाले सभी अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों और अधिकारियों की सुरक्षा और संरक्षा की पूरी जिम्मेदारी बलूचिस्तानी लेंगे।
मिलिट्री आतंकवाद के शिकार
मीर यार ने कहा है कि पाकिस्तान अपनी काली करतूतों को छिपाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने बलूचिस्तान को आतंकवाद के रूप में लेबल कर रहा है। उन्होंने कहा है कि बलूचिस्तानी आतंकी नहीं हैं बल्कि वे खुद शोषण और सरकार द्वारा समर्थित मिलिट्री आतंकवाद के शिकार हैं। उन्होंने UNSC और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि पाकिस्तान के एकतरफा बयान के बजाय बलूचिस्तान के लोगों की आवाज को उनके प्रतिनिधियों के जरिए सुनें।
सामूहिक कब्रों पर जाने की अपील
पोस्ट के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को बलूचिस्तान में स्थित सामूहिक कब्रों पर भी ले जाया जाएगा, जहां DNA सैंपल एकत्र किए जा सकते हैं और दशकों से लापता लोगों के परिवारों के साथ उनका मिलान किया जा सकता है। मीर यार बलूच ने आरोप लगाया कि इन व्यक्तियों को पिछले आठ दशकों में पाकिस्तानी सेना द्वारा जबरन हिरासत में लिया गया था।
पोस्ट में यह भी कहा गया है कि आने वाले प्रतिनिधिमंडलों को डेरा बुगती और सुई में गैस क्षेत्र, सैंदक और रेको डिक में सोने की खदानें, और मच, हरनाई और चमालिंग में कोयले की खदानें दिखाई जाएंगी ताकि उन्हें दिखाया जा सके कि पाकिस्तानी सरकार कैसे स्थानीय बलूचों का के शोषण कर रही है।
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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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