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यूरोपीय देश में लड़कियों के हिजाब पहनने पर लगा प्रतिबंध, धार्मिक रिवाज की आड़ में उत्पीड़न के आरोप

यूरोपीय देश में लड़कियों के हिजाब पहनने पर लगा प्रतिबंध, धार्मिक रिवाज की आड़ में उत्पीड़न के आरोप

संक्षेप:

कानून के अनुसार 14 साल से कम उम्र की लड़कियां स्कूलों में ऐसे हेडस्कार्फ़ नहीं पहन सकती, जो इस्लामी परंपराओं के अनुसार सिर को ढकते हैं। वहीं नियम को तोड़ने पर अभिभावकों के लिए जुर्माने का भी जिक्र है।

Dec 12, 2025 02:58 pm ISTJagriti Kumari एएफपी
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मध्य यूरोप में स्थित ऑस्ट्रिया में हाल ही में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने वाले बिल को मंजूरी मिल गई है। ऑस्ट्रियाई सांसदों ने गुरुवार को 14 साल से कम उम्र की लड़कियों के स्कूलों में हेडस्कार्फ़ पर बैन लगाने वाले कानून के पक्ष में भारी बहुमत से समर्थन दिया है। इससे पहले ऑस्ट्रिया की सरकार ने इस साल की शुरुआत में इस बैन का प्रस्ताव दिया था। सरकार ने तर्क दिया है कि इसका मकसद लड़कियों को उत्पीड़न से बचाना है।

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सरकार ने बताया कि नए नियम सितंबर में नए वार्षिक सत्र की शुरुआत के साथ पूरी तरह से लागू हो जाएंगे। इसके बाद कुछ समय तक शिक्षकों, माता-पिता और बच्चों को नए नियमों के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस दौरान नियम तोड़ने पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। हालांकि बार-बार नियमों का पालन न करने पर, माता-पिता को 150 से 800 यूरो यानी करीब 175-930 डॉलर तक का जुर्माना देना होगा। सरकार ने कहा है कि इस नए कानून से लगभग 12,000 लड़कियां प्रभावित होंगी।

बता दें कि इससे पहले 2019 में भी देश ने प्राइमरी स्कूलों में हेडस्कार्फ़ पर बैन लगा दिया था। हालांकि संवैधानिक अदालत ने इस फैसले को रद्द कर दिया था। अब एक बार फिर इस तरह के कानून को लागू करने की खबर सामने आने के बाद मानवाधिकार समूहों और विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह कानून मुस्लिमों के प्रति भेदभावपूर्ण है और सामाजिक विभाजन को और गहरा कर सकता है।

वहीं बिल पेश करते समय सरकार ने कहा है कि इस तरह के पर्दे से लड़कियों की आजादी छिनती है। बिल पेश कर रहीं मंत्री ने कहा, “जब किसी लड़की को... यह कहा जाता है कि उसे पुरुषों की नजर से खुद को बचाने के लिए अपने शरीर को छिपाना होगा, तो यह कोई धार्मिक रिवाज नहीं, बल्कि उत्पीड़न है।”

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मंत्री ने कहा कि यह बैन हिजाब और बुर्का सहित इस्लामी पर्दे के सभी रूपों पर लागू होगा। एक अन्य सांसद यानिक शेट्टी ने कहा कि हेडस्कार्फ सिर्फ कपड़ों का एक टुकड़ा नहीं है बल्कि इसके जरिए लड़कियों को सेक्सुअलाइज किया जाता है।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari
जागृति ने 2024 में हिंदुस्तान टाइम्स डिजिटल सर्विसेज के साथ अपने करियर की शुरुआत की है। संत जेवियर कॉलेज रांची से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन करने बाद, 2023-24 में उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा हासिल किया। खबरें लिखने के साथ साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और अर्थव्यवस्था की खबरों को पढ़ना पसंद है। मूल रूप से रांची, झारखंड की जागृति को खाली समय में सिनेमा देखना और सिनेमा के बारे में पढ़ना पसंद है। और पढ़ें

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