Explainer: ऑस्ट्रेलिया ने वीजा फीस 25% तक बढ़ाई, भारतीय छात्रों पर क्या होगा असर?
भारतीय छात्रों पर इस फैसले का असर सबसे अधिक इसलिए पड़ सकता है क्योंकि वे ऑस्ट्रेलिया में पढ़ने वाले सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय छात्र समूहों में शामिल हैं। वीजा शुल्क बढ़ने से छात्रों को आवेदन प्रक्रिया के लिए अधिक धन खर्च करना होगा।

ऑस्ट्रेलिया जाकर पढ़ाई करना भारतीय छात्रों के लिए अब पहले से अधिक महंगा हो गया है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय छात्र वीजा शुल्क में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। 1 जुलाई 2026 से लागू नए नियमों के तहत स्टूडेंट वीजा का आवेदन शुल्क 2,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (1,32,260 रुपये) से बढ़ाकर 2,500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (1,65,320 रुपये) कर दिया गया है। यह लगातार दूसरे वर्ष की गई बड़ी बढ़ोतरी है। सरकार का कहना है कि यह कदम देश की आव्रजन और शिक्षा प्रणाली को अधिक टिकाऊ बनाने के मकसद से उठाया गया है। जानकारों का मानना है कि इससे ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई का सपना देखने वाले विदेशी छात्रों, खासकर भारतीय विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
भारतीय छात्रों पर इस फैसले का असर सबसे अधिक इसलिए पड़ सकता है क्योंकि वे ऑस्ट्रेलिया में पढ़ने वाले सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय छात्र समूहों में शामिल हैं। वीजा शुल्क बढ़ने से अब छात्रों को केवल ट्यूशन फीस और रहने-खाने के खर्च ही नहीं, बल्कि आवेदन प्रक्रिया के लिए भी पहले से अधिक धन खर्च करना होगा। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया ने टेम्परेरी ग्रेजुएट वीजा की फीस भी बढ़ाई है, जिससे पढ़ाई पूरी करने के बाद वहां काम करने की योजना बनाने वाले छात्रों की लागत और बढ़ जाएगी। जानकारों का मानना है कि बढ़ते खर्च के कारण कुछ छात्र कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी या अन्य देशों को प्राथमिकता दे सकते हैं, जहां वीजा आवेदन थोड़ा सस्ता है।
किन छात्रों को राहत देने का प्लान
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अंग्रेजी भाषा सिलेबस (ELICOS) में एडमिशन लेने वाले छात्रों को कुछ राहत दी है। इन छात्रों के लिए अलग फीस तय की गई है, जो 2,050 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर है। शिक्षा क्षेत्र के कई संगठनों का कहना है कि बार-बार वीजा शुल्क बढ़ाने से ऑस्ट्रेलिया की वैश्विक प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है। उनका तर्क है कि पहले भी शुल्क बढ़ने के बाद छात्र वीजा आवेदनों में गिरावट दर्ज की गई थी और अब नई वृद्धि से अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या पर फिर असर पड़ सकता है। कई विश्वविद्यालयों और शिक्षा विशेषज्ञों ने सरकार से इस फैसले पर फिर से विचार करने की मांग भी की है।
भारतीय छात्रों पर क्या होगा असर
ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से भारतीय छात्रों के लिए पसंदीदा शिक्षा गंतव्यों में शामिल रहा है, लेकिन लगातार बढ़ती लागत अब उनके बजट पर दबाव बढ़ा रही है। सलाहकारों का कहना है कि जो छात्र ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अब अपने कुल खर्च का दोबारा आकलन करना चाहिए और वीजा शुल्क, ट्यूशन फीस, रहने का खर्च व अन्य आवश्यक व्ययों को ध्यान में रखकर ही आवेदन करना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया की शिक्षा की गुणवत्ता और रोजगार के अवसर अब भी आकर्षक हैं, लेकिन बढ़ती फीस के कारण छात्रों को पहले से अधिक वित्तीय योजना बनानी होगी।
लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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