FIFA: अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को हराकर मैदान पर ये क्या कर दिया? मचा बवाल, जानिए फॉकलैंड विवाद
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ी विवादों में घिर गए हैं। ओटामेंडी और लो सेल्सो ने मैदान पर फॉकलैंड द्वीप का विवादित बैनर लहराया है।

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल का टिकट कटा लिया है। लेकिन, इस शानदार जीत के बाद अर्जेंटीना के कुछ खिलाड़ियों ने ऐसा कारनामा कर दिया, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया है। जियोवानी लो सेल्सो और निकोलस ओटामेंडी जीत के जश्न के दौरान मैदान पर एक ऐसा बैनर लेकर आ गए, जिस पर लिखा था- 'लास माल्विनास सोन अर्जेंटीनास'। इसका मतलब है कि- फॉकलैंड द्वीप अर्जेंटीना के हैं। इस राजनीतिक संदेश के बाद अब अर्जेंटीना टीम पर फीफा के कड़े एक्शन की तलवार लटक रही है।
क्या है पूरा विवाद और बैनर की कहानी?
मर्सिडीज बेंज एरिना में खेले गए रोमांचक मैच के बाद जो बैनर लहराया गया, वह 44 साल पुराने एक खूनी संघर्ष की याद दिलाता है। फॉकलैंड द्वीप को अर्जेंटीना में इस्लास माल्विनास कहा जाता है। इसको लेकर 1982 में अर्जेंटीना और ब्रिटेन के बीच 74 दिनों तक भीषण युद्ध हुआ था।
इस युद्ध में 649 अर्जेंटीना और 255 ब्रिटिश नागरिकों समेत 900 से ज्यादा लोगों की जान गई थी। 1982 के इस संघर्ष के बाद इंग्लैंड ने फॉकलैंड पर दोबारा अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया था, लेकिन अर्जेंटीना आज भी इसे अपनी राष्ट्रीय पहचान का अहम हिस्सा मानता है। यही वजह है कि अर्जेंटीना के फैंस और खिलाड़ी अक्सर इस मुद्दे पर अपनी भावनाएं जाहिर करते नजर आते हैं।
फीफा नियमों का हुआ उल्लंघन, बढ़ सकती हैं मुश्किलें
फीफा के नियमों के मुताबिक, फुटबॉल के मैदान पर किसी भी तरह के राजनीतिक संदेश या प्रचार की सख्त मनाही है। 'द एसोसिएटेड प्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, सेमीफाइनल मैच से पहले अर्जेंटीना के फैंस को भी स्टेडियम में फॉकलैंड के झंडे ले जाने से रोक दिया गया था। अर्जेंटीना की सुरक्षा मंत्री एलेजांद्रा मोंटेओलिवा ने भी इसका स्पष्ट जिक्र किया था।
इसके बावजूद मैदान के अंदर खिलाड़ियों तक यह बैनर कैसे पहुंचा, यह एक बड़ा सवाल है। द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड को हराने के बाद भी अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को ड्रेसिंग रूम में 'माल्विनास' और डिएगो माराडोना के लिए गाते हुए सुना गया था। अब इस खुले प्रदर्शन के बाद फीफा टीम पर क्या पेनाल्टी लगाता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
आखिरी पलों में पलटा मैच, मेसी का जादू बरकरार
इंग्लैंड के खिलाफ इस मुकाबले की बात करें तो अर्जेंटीना एक समय 0-1 से पीछे था, लेकिन फिर उन्होंने जबरदस्त वापसी की। 55वें मिनट में एंथनी गॉर्डन ने गोल दागकर इंग्लैंड को बढ़त दिला दी थी। 85वें मिनट में एन्जो फर्नांडीज ने एक शानदार लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक से स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
92वां मिनट यानी एक्स्ट्रा टाइम में लौटारो मार्टिनेज ने मेसी के असिस्ट पर हेडर से गोल दागकर अर्जेंटीना को 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिला दी। खास बात यह रही कि अर्जेंटीना के दोनों गोल में दिग्गज कप्तान लियोनेल मेसी का असिस्ट रहा। अब रविवार को फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा, जहां मेसी की नजरें लगातार दूसरा वर्ल्ड कप खिताब जीतने पर होंगी।
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