तुम कमजोर आदमी हो... ऑस्ट्रेलिया के PM पर भड़के लोग, आतंकी हमले से गुस्सा
आस्ट्रेलिया की जनता ने पीएम अल्बानीज पर इजराइल का समर्थन करने की बजाय फिलिस्तीनियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया है और जब उन्होंने इस साल की शुरुआत में फिलिस्तीन राज्य को मान्यता देने का कदम उठाया तो संबंध और खराब हो गए।
बोंडी बीच हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा। खबर है कि इस दौरान उन्हें धक्का मुक्की का शिकार होना पड़ा और लोगों ने जमकर उनके खिलाफ नारेबाजी की। 14 दिसंबर 2025 को सिडनी के बोंडी बीच पर दो बंदूकधारियों द्वारा एक यहूदी त्योहार पर गोलियां चलाने के बाद 15 लोगों की मौत हो गई थी और अन्य कई घायल हो गए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चश्मदीदों ने कहा कि जनता के गुस्से को देखते हुए प्रधानमंत्री को अंधेरे में बाहर ले जाया गया। मौके पर एक शख्स को चिल्लाते हुए सुना गया, 'एल्बो तुम कमजोर आदमी हो। कमजोर और खतरनाक हो।' किसी ने चीखा, 'तुम्हारे हाथों में खून है।' खास बात है कि हमले के बाद पीएम पहली बार बोंडी बीच पर पहुंचे थे। ऑस्ट्रेलिया में इसे आतंकवादी हमला घोषित किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान अल्बानीज के खिलाफ जनता ने हूटिंग की। आलोचकों ने उनकी सरकार पर यहूदी विरोधी भावना को ठीक से नहीं संभाल पाने के आरोप लगाए हैं। इस दौरान उनके साथ गृहमंत्री टोनी बर्क और उप प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्ल्स मौजूद थे। राष्ट्रीय एकता को दिखाए जाने के मकसद से आयोजित यह कार्यक्रम जनता का गुस्सा जाहिर करने का जरिया साबित हुआ।
अल्बानीज को एक अत्यंत सुरक्षित जगह पर बैठने के लिए ले जाया गया और उनकी पत्नी जोडी हेडन ने उनका हाथ पकड़ लिया। ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदाय ने बार-बार कहा है कि यह हमला एक झटका था, आश्चर्य नहीं। आम राय यह है कि इसे होने से रोकने के लिए और भी बहुत कुछ किया जा सकता था और किया जाना चाहिए था।
एजेंसी वार्ता के अनुसार, आस्ट्रेलिया की जनता ने अल्बानीज पर इजराइल का समर्थन करने की बजाय फिलिस्तीनियों का पक्ष लेने का आरोप लगाया है और जब उन्होंने इस साल की शुरुआत में फिलिस्तीन राज्य को मान्यता देने का कदम उठाया तो संबंध और खराब हो गए।
एजेंसियों की होगी समीक्षा
अल्बानीज ने सिडनी में बोंडी बीच हमले के बाद पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसियों के कामकाज की समीक्षा की घोषणा की है। अल्बानीज ने इस्लामिक स्टेट ग्रुप (आईएसजी) के लिए एक संक्षिप्त नाम का इस्तेमाल करते हुए कहा, 'पिछले रविवार को आईएसआईएस से प्रेरित घटना के बाद हमारे देश में तेजी से बदलते सुरक्षा माहौल को मजबूत किया है।' इसलिए हमारी सुरक्षा एजेंसियों को जवाब देने के लिए अब अच्छी स्थिति में होना चाहिए।

लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
और पढ़ेंलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




