
भारत संग रिश्ते सुधारने को तत्पर अमेरिका, क्वॉड का भी जिक्र; ट्रंप सरकार के नए डिफेंस बिल में क्या?
विधेयक के एक अन्य हिस्से में अमेरिका और भारत के बीच परमाणु दायित्व नियमों पर संयुक्त मूल्यांकन की भी बात कही गई है। इसके तहत 2008 के भारत-अमेरिका नागरिक परमाणु समझौते के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए एक परामर्श तंत्र बनाया जाएगा।
अमेरिका के नए रक्षा नीति विधेयक में ट्रंप सरकार भारत के साथ अपने सम्बन्धों को बेहतर करने के लिए तत्पर लग रही है। इस विधेयक में भारत के साथ सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। वहीं खास तौर पर क्वॉड का भी जिक्र है। ट्रंप प्रशासन के इस दस्तावेज में कहा गया है कि भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की जरूरत है ताकि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मुक्त और खुला बनाए रखने के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सके और चीन से उत्पन्न चुनौतियों का सामना किया जा सके।
रविवार को संसदीय नेताओं द्वारा जारी राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकार अधिनियम (एनडीएए) 2026 में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा गठबंधनों और साझेदारियों पर अमेरिकी संसद की राय को रेखांकित किया गया है। विधेयक के मुताबिक इस क्षेत्र में चीन की आक्रामकता को रोकने के लिए रक्षा मंत्रालय को चीन के साथ रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में अमेरिका की तुलनात्मक बढ़त को बढ़ाने के लिए इस क्षेत्र में अमेरिकी रक्षा सहयोगियों और साझेदारियों को मजबूत करने के प्रयास जारी रखने चाहिए।
इन प्रयासों में भारत के साथ अमेरि संबंधों को व्यापक बनाना, जिसमें क्वॉड के माध्यम से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंधों और सैन्य अभ्यासों में भागीदारी, रक्षा व्यापार का विस्तार और मानवीय सहायता और आपदा प्रतिक्रिया पर सहयोग के माध्यम से एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाना शामिल है। गौरतलब है कि क्वॉड में भारत और अमेरिका के साथ जापान और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं। इस समूह को 2017 में हिंद-प्रशांत में चीन के आक्रामक रवैये का सामना करने के लिए स्थापित किया गया था।
रक्षा नीति विधेयक में यह भी प्रावधान है कि रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री मिलकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने के लिए एक सुरक्षा पहल शुरू करेंU
इसके अलावा विधेयक के एक अन्य हिस्से में अमेरिका और भारत के बीच परमाणु दायित्व नियमों पर संयुक्त मूल्यांकन की बात कही गई है। इसके तहत 2008 के भारत-अमेरिका नागरिक परमाणु समझौते के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए एक परामर्श तंत्र बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत के परमाणु दायित्व नियमों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लाने के अवसरों पर चर्चा करना है। साथ ही विधेयक में भारत को औपचारिक रूप से ‘सहयोगी या भागीदार देश’ की श्रेणी में शामिल किया गया है।

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