पाकिस्तान की इमरान खान सरकार गिरने के पीछे अमेरिकी हाथ? लीक हुए दस्तावेज में खुलासा

Ankit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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पड़ोसी देश पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार 10 अप्रैल 2022 को आधी रात को नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव (No-confidence motion) हारने के बाद गिर गई थी। वे इस प्रस्ताव के जरिए पद से हटाए जाने वाले पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री बने थे।

पाकिस्तान की इमरान खान सरकार गिरने के पीछे अमेरिकी हाथ? लीक हुए दस्तावेज में खुलासा

पाकिस्तान से जुड़े कुछ दस्तावेज लीक होने के बाद सियासी गलियारों में तहलका मच गया है। इन दस्तावेजों में दावा किया गया है कि इमरान खान की सरकार अमेरिका के समर्थन से गिराई गई थी। इसका खुलासा एक लीक डिप्लोमैटिक केबल से हुआ है। खोजी पत्रकारिता के लिए फेमस 'ड्रॉप साइट' ने दस्तावेजों को पब्लिश करते हुए बताया है कि इसे साइफर कहा जाता है। इन दस्तावेजों से पता चलता है कि इमरान खान के दावे एकदम सही थे। वह अमेरिका पर अपनी सरकार गिराने का आरोप लगाते थे।

लीक दस्तावेजों में क्या है

दस्तावेज को 'केबल I-0678' के तौर पर पहचाना गया है। इन दस्तावेजों में वॉशिंगटन में पाकिस्तान के राजदूत और अमेरिकी विदेश विभाग के एक सीनियर अधिकारी के बीच हुई बातचीत का ब्योरा है। इमरान खान के अविश्वास प्रस्ताव हारने से पहले ही दोनों के बीच एक बैठक हुई थी। वहीं सरकार गिरने के बाद इमरान खान बार-बार दावा कर रहे थे कि रूस और चीन से करीबी और स्वतंत्र विदेश नीति की वजह से अमेरिका ने उन्हें टारगेट किया है।

अमेरिका मानने को तैयार नहीं

लीक दस्तावेज के सामने आने के बाद अमेरिका ने कहा है कि ये दावे पूरी तरह से गलत हैं। अमेरिका का कहना है कि इमरान खान विदेशी दखल का कोई सबूत नहीं दे पाए थे। बता दें कि उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन थे। इमरान खान ने आरोपलगयाा कि नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी अमेरिका के साथ उनकी सरकार गिराने में जुटी थीं। इस समय इमरान खान जेल में हैं।

दस्तावेजों के मुताबिक अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अधिकारी डोनाल्ड लू ने पाकिस्तान राजदूत को सलाह दी थी कि अगर इमरान खान को संसद में वोटिंग के जरिए सत्ता से हटा दिया जाता है तो दोनों देशों के संबंध बेहतर हो सकते हैं। केबल में यह भी कहा गया कि अगर इमरान खान इस संकट से निकल जाते हैं तो पाकिस्तान एकदम अकेला पड़ जाएगा। वहीं अगर इमरान खान की सरकार गिर जाती हे तो पाकिस्तान को माफ कर दिया जाएगा।

'ड्रॉप साइट' के मुताबिक इमरान खान की सरकार गिरने के बाद पाकिस्तान और अमेरिका के बीच संबंधों में सुधार हुआ है। लीक दस्तावेजों के मुताबिक जून 2021 में सीआई के डायरेक्टर विलियम बर्न्स पूर्व पीएम इमरान खाने से मुलाकात करने इस्लामाबाद गए थे। हालांकि इमरान खान ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया और कहा कि वह अपने समकक्ष यानी जो बाइडेन से ही बात करेंगे। वहीं बाइडेन ने अपने कार्यकाल के दौरान इमरान खान को भाव ही नहीं दिया। इमरान खान ने खुद ही एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने अमेरिका को अपना एक एयरबेस इस्तेमाल करने से मना कर दिया था। ऐसे में दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गई थी। उसी समय तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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