ईरान से युद्द के बीच वाइट हाउस में पूजा, डोनाल्ड ट्रंप को आशीर्वाद देने आए पादरी; वीडियो वायरल

Ankit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान से युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पूजा करवाई है। इस दौरान पादरियों ने घेरकर उन्हें आशीर्वाद दिया। बताया गया कि राष्ट्र रक्षा की कामना से डोनाल्ड ट्रंप ने यह पूजा करवाई है। 

ईरान से युद्द के बीच वाइट हाउस में पूजा, डोनाल्ड ट्रंप को आशीर्वाद देने आए पादरी; वीडियो वायरल

ईरान से युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें डोनाल्ड ट्रंप ओवल हाउस में पादरियों के बीच बैठे हुए हैं। पादरी ट्रंप के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दे रहे हैं। पहली बार है जब डोनाल्ड ट्रंप इस तरह से सार्वजनिक तौर पर ओवल ऑफिस में राष्ट्र की रक्षा के लिए पूजा करवा रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग वीडियो शेयर करते हुए तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा, यह एक सेक्युलर देश की स्थिति है। राष्ट्रपति अल्लाह के मानने वालों के खिलाफ ईसाइयों से पूजा करवा रहे हैं। एकअन्य यूजर ने कहा, क्या डोनाल्ड ट्रंप को ईरान से हार का डर सता रहा है या उन्हें एहसास हो गया है कि उनका कदम गलत था? एक यूजर ने कहा, डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोपेगैंडा में महारत हासिल कर ली है।

अमेरिका पर हमले रोकने को तैयार नहीं अमेरिका

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ईरान पर किए जा रहे हमलों को रोकने के लिए लाए गए युद्ध शक्तियों से संबंधित प्रस्ताव को गुरुवार को बहुत कम अंतर से खारिज कर दिया। मतों का यह अंतर संसद के भीतर बढ़ती असहजता का शुरुआती संकेत माना जा रहा है, क्योंकि तेजी से फैल रहा इस युद्ध का दायरा अमेरिका की घरेलू और वैश्विक प्राथमिकताओं को बदल रहा है।

पिछले कुछ दिनों में यह दूसरा प्रस्ताव है जो असफल हुआ है। इससे पहले सीनेट ने ऐसे ही एक प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। सांसदों के सामने जान-माल के नुकसान, भारी खर्च और अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों की परीक्षा समेत युद्ध के कारण पैदा हुई स्थिति से चिंतित अमेरिकी जनता का प्रतिनिधित्व करने की चुनौती है।

प्रतिनिधि सभा में यह प्रस्ताव 212 के मुकाबले 219 मतों से खारिज हो गया। इस नतीजे ने अमेरिका-इजराइल सैन्य अभियान और ट्रंप द्वारा संसद को दरकिनार करने के फैसले के समर्थन और विरोध की स्थिति को स्पष्ट कर दिया। अमेरिकी संविधान के अनुसार युद्ध घोषित करने का अधिकार केवल संसद को है। सदन की विदेश मामलों की समिति में शीर्ष डेमोक्रेट सांसद ग्रेगोरी मीक्स ने कहा, ''डोनाल्ड ट्रंप कोई राजा नहीं हैं और यदि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ युद्ध राष्ट्रीय हित में है तो उन्हें संसद के सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए।'

वहीं, सदन के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने आगाह किया कि जब अमेरिकी सेना पहले से संघर्ष में शामिल है तब राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करना ''खतरनाक'' होगा। रिपब्लिकन पार्टी के अधिकतर नेता ट्रंप के साथ खड़े दिखायी दिए जबकि ज्यादातर डेमोक्रेट इस युद्ध का विरोध कर रहे हैं। कुछ रिपब्लिकन नेताओं का मानना है कि यह संघर्ष नया युद्ध शुरू करने के बजाय ऐसे ईरानी शासन का अंत हो सकता है जो लंबे समय से पश्चिम के लिए खतरा रहा है। इस अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है, जिससे कुछ लोग वहां शासन परिवर्तन की संभावना देख रहे हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि यह युद्ध लगभग आठ सप्ताह तक जारी रह सकता है, जो राष्ट्रपति के शुरुआती अनुमान से दोगुना है। वहीं, ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को नष्ट करना है, जो उसके परमाणु कार्यक्रम की सुरक्षा करती है।

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लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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