यूक्रेन जंग के बीच मॉस्को में क्यों उतरा अमेरिकी मिलिट्री C-17 विमान? गहराया राज

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एक तरफ रूस और यूक्रेन के बीच जंग और इन सबके बीच मॉस्को पहुंच गया अमेरिकी जंगी विमान। आखिर क्या है इसके पीछे मकसद और क्या है इरादा? इसको लेकर राज गहरा गया है…

US Air Force C-17 Globemaster III
मॉस्को पहुंचे अमेरिकी विमान से गहराया राज।

यूक्रेन और रूस के बीच जंग के बीच कुछ ऐसा हुआ है, जिससे सभी चौंक उठे हैं। असल में एक अमेरिकी सैन्य विमान अचानक मॉस्को में उतरा है। इससे सभी के कान खड़े हो गए हैं। मंगलवार को सी-17ए ग्लोबमास्टर III विमान ने रिगा से उड़ान भरी और मॉस्को के नुकोवो एयरपोर्ट पर पहुंच गया। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक सबसे बड़ा सवाल, इस विमान की उड़ान के इरादे को लेकर था। उड़ान संख्या आरसीएस4555 वाला यह विमान, मॉस्को के समयानुसार रिगा से सुबह 8.50 पर उड़ा और करीब 10 बजकर 4 मिनट पर मॉस्को में उतरा।

क्या बोले क्रेमलिन प्रवक्ता

विमान सी-17, 23 अगस्त को कैंप स्प्रिंग्स मैरीलैंड से रीगा पहुंचा था। बता दें कि यह जगह जॉइंट बेस एंड्रयूज का ठिकाना है। यहीं पर वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले विमान, जिसमें कि प्रेसीडेंशियल फ्लीट भी शामिल है, रखे जाते हैं। यह विमान मॉस्को क्यों पहुंचा, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कॉव ने कहाकि मॉस्को को अमेरिकी सैन्य विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं, रूस की सरकारी मीडिया का कहना है कि अमेरिकी प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मॉस्को में इस हफ्ते कोई बैठक प्रस्तावित नहीं है।

गंभीर मोड़ पर है जंग

बता दें कि कुछ दिन पहले रूस के ताजा मिसाइल हमलों में यूक्रेन की राजधानी कीव में 15 लोगों की मौत हो गई है। कीव के मेयर विताली क्लित्स्को ने यह जानकारी दी। यूक्रेन इस बीच वायु रक्षा मिसाइलों की कमी से जूझ रहा है। एक रिपोर्ट में यूक्रेन की राज्य आपात सेवा के हवाले से कहा गया कि रातभर हुए हमलों में शहर के विभिन्न हिस्सों में आवासीय इमारतों और गोदामों को निशाना बनाया गया। एक बच्चों के अस्पताल और स्कूल को भी नुकसान पहुंचा है।

यूक्रेन अपनी वायु रक्षा जरूरतों के लिए पश्चिमी देशों पर निर्भर है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहाकि जब तक यूक्रेन के पास पर्याप्त बैलिस्टिक मिसाइल रोधी प्रणालियां नहीं होंगी, रूस गंभीरता से शांति के बारे में नहीं सोचेगा। उन्होंने कहाकि पैट्रियट प्रणालियों के लिए इस्तेमाल होने वाली इंटरसेप्टर मिसाइलों की भरपाई अभी तक नहीं हुई है और उनकी हर दिन जरूरत पड़ती है। प्रत्येक अतिरिक्त मिसाइल हमारे लोगों की जान बचाती है।

यूक्रेन की वायुसेना की गुरुवार सुबह जारी सूचना से संकेत मिलता है कि रातभर रूस की ओर से दागी गई किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को रोका नहीं जा सका। यूक्रेन रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए अमेरिका से मिली पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों पर काफी हद तक निर्भर रहा है। ईरान के साथ जारी युद्ध के दौरान अमेरिका ने अपने भंडार का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल किया है, जिससे यूक्रेन के लिए इन मिसाइलों की उपलब्धता प्रभावित हुई है।

कीव में ताजा हमले स्थानीय समयानुसार मंगलवार देर रात करीब आधी रात शुरू हुए। पूरे शहर में हवाई हमले के सायरन बजने के बाद रूसी मिसाइलों के गिरने की आवाजें सुनाई दीं। हमलों के कारण हजारों घरों और प्रतिष्ठानों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गयी और कीव क्षेत्र के कई हिस्से अंधेरे में डूब गए। हमलों में हुई मौतों के मद्देनजर शुक्रवार को कीव में शोक दिवस मनाया जाएगा।

Deepak Mishra

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Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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