खुद दो मोर्चों पर खस्ताहाल है पाकिस्तान, पर ईरान जंग में बनना चाह रहा ब्रिज बिल्डर; दोस्त से क्या कहा?

Pramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, जेद्दा
share

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सऊदी अरब की यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब इस क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और एक बड़े युद्ध की आशंका गहरा रही है। दूसरी तरफ पाकिस्तान खुद दो मोर्चों पर जंग लड़ रहा है।

खुद दो मोर्चों पर खस्ताहाल है पाकिस्तान, पर ईरान जंग में बनना चाह रहा ब्रिज बिल्डर; दोस्त से क्या कहा?

मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच पड़ोसी देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को जेद्दा पहुंचकर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ एक "सीमित बैठक" की और ईरान जंग के बीच सऊदी अरब को पाकिस्तान की तरफ से पूर्ण एकजुटता और समर्थन का भरोसा दिलाया। यह जानकारी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने दी है। पाक पीएम शरीफ की यह सऊदी अरब की यात्रा ऐसे समय में हुई जब इस क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। दूसरी तरफ पाकिस्तान खुद दो मोर्चों पर जंग लड़ रहा है। एक तरफ उसे अफगान सीमा पर तालिबान से लड़ना पड़ रहा है तो दूसरी तरफ बलूचिस्तान में बलोच विद्रोहियों से भी दो-दो हाथ करने पड़ रहे हैं।

उधर, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और उसके जवाब में तेहरान ने मिडिल-ईस्ट के कई खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों के साथ-साथ वाणिज्यिक और तेल बुनियादी ढांचों पर जवाबी हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंकाएँ बढ़ गई हैं। जेद्दा के अब्दुलअज़ीज़ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर प्रधानमंत्री शरीफ का स्वागत मक्का क्षेत्र के डिप्टी गवर्नर प्रिंस सऊद बिन मिशाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने किया।

क्षेत्रीय शांति पर चर्चा

पाक PMO की तरफ से कहा गया है कि बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने मध्य-पूर्व की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया, “पाकिस्तान हमेशा सऊदी अरब के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा और क्षेत्र में शांति की साझा इच्छा को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास करता रहेगा।”

सऊदी अरब पर ड्रोन हमले

इसी बीच सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश के पूर्वी और मध्य क्षेत्रों को निशाना बनाकर भेजे गए कई ड्रोन को मार गिराया गया। इससे पहले दक्षिण-पूर्व में स्थित शायबह तेल क्षेत्र को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान-अमेरिका-इज़रायल संघर्ष के बाद खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंका भी बढ़ रही है।

“ब्रिज बिल्डर” की भूमिका में पाकिस्तान

इस संकट के बीच पाकिस्तान खुद को मध्यस्थ या “ब्रिज बिल्डर” के रूप में पेश कर रहा है। इस्लामाबाद के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह क्षेत्र के कई देशों के साथ लगातार संपर्क में है और संवाद के रास्ते खुले रखने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच लंबे समय से सैन्य और रणनीतिक साझेदारी रही है। पिछले वर्ष दोनों देशों के बीच हुए रक्षा समझौते के बाद यह सहयोग और मजबूत हुआ है। विश्लेषकों के अनुसार यदि मध्य-पूर्व में संघर्ष और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, व्यापार मार्गों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर व्यापक रूप से पड़ सकता है। इसलिए कई देश कूटनीतिक प्रयासों के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।