बाइक 2 लीटर, कार 10; बसें अधिकतम 80L, ईरान जंग के बीच पड़ोसी देश में तेल पर कोहराम; खरीद सीमा तय

Mar 06, 2026 08:13 pm ISTPramod Praveen रॉयटर्स, ढाका
share

Bangladesh imposed daily limits on fuel sales: सरकार द्वारा तय नई सीमा के तहत अब पेट्रोल पंपों पर एक दिन में मोटरसाइकिल को अधिकतम 2 लीटर पेट्रोल/ऑक्टेन ही दिया जाएगा, जबकि निजी कारों को एक दिन में अधिकतम 10 लीटर तेल प्रति दिन मिल सकेगा।

बाइक 2 लीटर, कार 10; बसें अधिकतम 80L, ईरान जंग के बीच पड़ोसी देश में तेल पर कोहराम; खरीद सीमा तय

Bangladesh imposed daily limits on fuel sales: ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमले के बाद मिडिल-ईस्ट में छिड़े संघर्ष का असर अब दक्षिण एशिया तक पहुंचने लगा है। सात दिनों की जंग के बाद पड़ोसी देश बांग्लादेश की नई नवेली सरकार ने शुक्रवार (6 मार्च) को पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर दैनिक सीमा तय कर दी है, क्योंकि वहां लोग घबराहट में ईंधन खरीद कर जमा कर रहे हैं। बांग्लादेश में ऐसे में तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। सरकारी संस्था बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPC) ने कहा कि यह कदम ईंधन की मांग को नियंत्रित करने, बाजार में अफवाहों को शांत करने और देशभर में उपलब्ध स्टॉक को स्थिर रखने के लिए उठाया गया है।

दरअसल, हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों तथा उसके जवाब में ईरान की कार्रवाई के बाद मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ गया है। इससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक होरमुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल परिवहन पर असर पड़ा है और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल आया है। BPC के अनुसार, बांग्लादेश अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 95 प्रतिशत ईंधन आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता का सीधा असर देश की आपूर्ति पर पड़ता है।

नई सीमा के अनुसार ईंधन की बिक्री

हालात को देखते हुए बांग्लादेश सरकार ने तेल खरीद की सीमा तय कर दी है। सरकार द्वारा तय नई सीमा के तहत अब पेट्रोल पंपों पर एक दिन में मोटरसाइकिल को अधिकतम 2 लीटर पेट्रोल/ऑक्टेन ही दिया जाएगा, जबकि निजी कारों को एक दिन में अधिकतम 10 लीटर, एसयूवी, जीप और माइक्रोबस को 20–25 लीटर, पिकअप और स्थानीय बसों को अधिकतम 70 से 80 लीटर ही तेल प्रति दिन मिल सकेगा। सरकारी आदेश में कहा गया है कि लंबी दूरी की बसें, ट्रक और कंटेनर वाहनों को अधिकतम प्रतिदिन 200–220 लीटर डीजल ही मिल सकेंगे। इससे अधिक तेल खरीद पर पाबंदी लगा दी गई है।

अफवाहों से बढ़ी समस्या

सरकार ने यह भी अनिवार्य किया है कि पेट्रोल पंप हर बिक्री का कैश मेमो जारी करे और वाहन मालिक की पिछली खरीद की रसीद भी जांचें, ताकि कोई व्यक्ति बार-बार ईंधन खरीदकर जमा न कर सके। बीपीसी के मुताबिक, कुछ डीलर सामान्य से अधिक ईंधन निकालने की कोशिश कर रहे थे और कई उपभोक्ता अवैध रूप से ईंधन जमा कर रहे थे। इसी कारण सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि ईंधन आयात जारी है और रेलवे टैंकरों के माध्यम से डिपो तक आपूर्ति भेजी जा रही है। सरकार ने लोगों से घबराहट में खरीदारी या जमाखोरी न करने की अपील की है।

गैस आपूर्ति पर भी असर

मध्य-पूर्व संकट का असर केवल तेल तक सीमित नहीं है। कतर द्वारा एलएनजी आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दिए जाने के कारण बांग्लादेश को गैस की खपत भी सीमित करनी पड़ी है और कई उर्वरक कारखानों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। सरकार ने मार्च के लिए दो स्पॉट एलएनजी कार्गो की व्यवस्था की है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि यदि संकट लंबा खिंचता है तो देश को महंगे स्पॉट बाजार पर अधिक निर्भर होना पड़ेगा, जिससे आयात बिल और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य-पूर्व का संघर्ष लंबा चला, तो इसका असर एशिया के कई ऊर्जा-निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे सकता है।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।