शांति समझौता ठुकराया तो फिर से शुरू कर देंगे युद्ध, अमेरिका की ईरान को धमकी
अमेरिका ने ईरान को धमकी दी और कहा कि अगर शांति समझौता ठुकराया गया तो हम फिर से युद्ध शुरू कर देंगे। हेगसेथ ने कहा कि आप अपने बचे हुए लॉन्चर और मिसाइलों को बाहर निकाल रहे हैं, लेकिन आपके पास उन्हें बदलने की कोई क्षमता नहीं है।

अमेरिका ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि अगर शांति समझौता ठुकराया गया तो हम फिर से युद्ध शुरू कर देंगे। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान को मैसेज देते हुए कहा कि हमारी नजर आप पर है। उन्होंने कहा कि अमेरिका, ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी तब तक करेगा जब तक जरूरी होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तेहरान कोई समझौता नहीं करता है, तो फिर से हमले किए जाएंगे। हेगसेथ ने पेंटागन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "अगर ईरान कोई गलत फैसला लेता है, तो उसे नाकेबंदी का सामना करना पड़ेगा और उसके इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली और ऊर्जा केंद्रों पर बम गिराए जाएंगे।"
अमेरिका के शीर्ष सैन्य अधिकारी जनरल डैन केन ने कहा कि यह नाकेबंदी ईरान के बंदरगाहों में आने या वहां से जाने वाले सभी जहाजों पर लागू होती है, चाहे उनकी राष्ट्रीयता कोई भी हो। केन ने हेगसेथ के साथ खड़े होकर कहा, "अगर आप इस नाकेबंदी का पालन नहीं करते हैं, तो हम बल का प्रयोग करेंगे।" केन ने आगे कहा, "अब तक 13 जहाजों ने समझदारी दिखाते हुए वापस लौटने का फैसला किया है।"
इस बीच, हेगसेथ ने कहा कि ईरानी सेना उन उपकरणों को बाहर निकालने की कोशिश कर रही है, जिन्हें इस्लामिक गणराज्य पर अमेरिका-इजरायल के पांच हफ्तों से ज्यादा समय तक चले हमलों के दौरान जमीन में दबा दिया गया था। ईरानी नेताओं को सीधे संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "हमें पता है कि आप कौन से सैन्य साजो-सामान कहां ले जा रहे हैं। जब आप खुदाई करके उन्हें बाहर निकाल रहे हैं, जो कि आप अभी ठीक यही कर रहे हैं, बमबारी से तबाह और बर्बाद हो चुकी जगहों से खुदाई करके सामान निकाल रहे हैं, तो हम और भी ज्यादा मजबूत होते जा रहे हैं।"
हेगसेथ ने कहा, "आप अपने बचे हुए लॉन्चर और मिसाइलों को बाहर निकाल रहे हैं, लेकिन आपके पास उन्हें बदलने की कोई क्षमता नहीं है, आपके पास कोई रक्षा उद्योग नहीं है, और न ही अपनी हमलावर या रक्षात्मक क्षमताओं को फिर से पूरा करने की कोई क्षमता है।" सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर, जो मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सेनाओं के लिए जिम्मेदार हैं, ने कहा कि वाशिंगटन इस संघर्ष-विराम का इस्तेमाल अपनी सेना को फिर से हथियारों से लैस करने और अपनी रणनीति में बदलाव करने के लिए कर रहा है। कूपर ने कहा, "हम अपनी सेना को फिर से हथियारों से लैस कर रहे हैं, अपने उपकरणों को ठीक कर रहे हैं, और अपनी रणनीतियों, तकनीकों और प्रक्रियाओं में बदलाव कर रहे हैं। दुनिया में कोई भी सेना हमारी तरह इतनी तेजी से बदलाव नहीं कर पाती, और संघर्ष-विराम के इस समय में हम ठीक यही कर रहे हैं।"
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