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नेता ही नहीं परिवार भी निशाना, मादुरो के खात्मे के लिए US का 'सद्दाम हुसैन' वाला खेल

नेता ही नहीं परिवार भी निशाना, मादुरो के खात्मे के लिए US का 'सद्दाम हुसैन' वाला खेल

संक्षेप:

अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। ट्रंप प्रशासन ने सबसे पहले वेनेजुएला से तेल लेकर जा रहे टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया और अब राष्ट्रपति मादुरो के परिवार के खिलाफ प्रतिबंध लगा दिए हैं।

Dec 12, 2025 07:46 am ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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Donald Trump: संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला को निशाना बनाते हुए राष्ट्रपति मादुरो और उनके परिवार के ऊपर नए प्रतिंबध लगा दिए हैं। इसमें मादुरो की पत्नी के तीन भतीजों के साथ-साथ उनसे जुड़े छह कच्चे तेल के टैंकरों और शिपिंग कंपनियों पर कार्रवाई शामिल है। अमेरिका, कराकास पर दबाव बढ़ाने की रणनीति को तेज कर रहा है। ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला से जुड़े हुए तेल के टैंकरों को भी जब्त करके अमेरिका पहुंचा दिया है, मादुरो ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे 'समुद्री डकैती' करार दिया है, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप ने इसे शुरुआत करार देते हुए अभी और सख्त होने की बात कही।

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अमेरिका की तरफ से यह कार्रवाई ऐसे समय में की जा रही है, जब अमेरिका दक्षिणी कैरिबियाई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती कर रहा है और राष्ट्रपति ट्रंप मादुरो को सत्ता से हटाने के उद्देश्य से चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं। जब्त किए गए टैंकर की जानकारी देते हुए अमेरिका वित्त विभाग ने बताया कि इसे अमेरिकी तट पर लाया गया है। वहीं, नए प्रतिबंधों पर जानकारी देते हुए बताया कि वेनेजुएला की छह शिपिंग कंपनियों और छह कच्चे तेल के टैंकरों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, यह मादुरो के भ्रष्ट नार्को-आतंकवादी शासन को वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराते रहे हैं।

इस प्रतिबंधित सूची में मादुरो की पत्नी सिसिलिया फ्लोरेस के दो भतीजों फ्रांकी फ्लोरेस और एफ्रेन एंटोनियो कैंपो फ्लोरेस को डाला गया है। अमेरिकी ड्रग इन्फोर्समेंट डिपार्टमेंट इन्हें नार्को नेफ्यूज (नार्को भतीजे) कहता है। इन्हें 2015 में हैती से भी ड्रग्स के मामले में ही गिरफ्तार किया गया था। 2016 में इन्हें ड्रग्स के कारोबार के लिए दोषी ठहराते हुए 18 साल की सजा सुनाई गई थी लेकिन 2022 में वेनेजुएला के साथ कैदी-अदला बदली में इन्हें रिहा कर दिया गया था।

मादुरो का क्या जवाब?

इन प्रतिबंधों और बीच समंदर से टैंकर को उठा लिए जाने से नाराज मदुरो ने इसे अमेरिका द्वारा की गई समुद्री डकैती करार दिया है। मादुरो ने किसी भी तरह के ड्रग या सरकारी अपराध से जुड़े होने से इनकार करते हुए कहा कि अमेरिका उनके देश के विशाल तेल भंडार पर कब्जा करने के लिए शासन परिवर्तन की कोशिश कर रहा है। इससे पहले अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए मादुरो ने कहा, साम्राज्यवादी सोचते थे कि हमारा जनता डर जाएगी, लेकिन यहां कोई नहीं डरा और कभी नहीं डरेगा।"

गौरतलब है कि 2019 के बाद अमेरिका की तरफ से वेनेजुएला की तेल सप्लाई पर की गई यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। अमेरिकी विशेषज्ञ के मुताबिक ट्रंप प्रशासन की यह रणनीति एक शक्तिशाली डराने-धमकाने वाली रणनीति है। इसके बाद कोई भी जहाज वेनेजुएला से कच्चा तेल उठाने के बारे में दो बार सोचेगा, क्योंकि अगर वह ऐसा करता है तो उसे अपने पूरे जहाज को खोने का डर रहेगा। इसकी वजह से अब वेनेजुएला की तेल से आने वाली कमाई प्रभावित होगी।

दोनों देशों के बीच में लगातार तनाव बड़ा हुआ है। मादुरो को लेकर अमेरिका कि उत्सुकता की हद इस कदर है कि ट्रंप पिछले एक साल में कई बार खुले सैन्य अभियान की चेतावनी भी दे चुके हैं।

वेनेजुएला में सद्दाम हुसैन वाली रणनीति अपना रहा अमेरिका?

वेनेजुएला के हालात और अमेरिका को लेकर उसकी नीति को अगर थोड़ा बहुत ऊपर-नीचे करके देखें तो यह अमेरिका और इराक की स्थिति की याद दिलाती है। वहां पर भी वही... एक तानाशाह, तेल के भंडार और सुरक्षा के लिए खतरा था। यहां भी वही, एक तानाशाह, तेल के भंडार और लोकतंत्र की स्थापना या ड्रग्स के जरिए अमेरिका की सुरक्षा को खतरा बताया जा रहा है। कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के बाद भी जब इराक और सद्दाम हुसैन ने झुकने से इनकार कर दिया तो अमेरिकी सेना वहां कूद पड़ी। लाखों लोगों की मौत और एक देश को बर्बाद करने के बाद न तो अमेरिका को वहां पर कोई परमाणु हथियार मिला न कुछ... पीछे रह गया तो बस एक बर्बाद देश, जो कि आज आतंकवादी संगठनों के कब्जों में है और एक समय तक नाटो के लिए अखाड़ा बना रहा।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak
उपेन्द्र पिछले कुछ समय से लाइव हिन्दुस्तान के साथ बतौर ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली (2023-24 बैच) से पूरी की है। इससे पहले भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से अपना ग्रैजुएशन पूरा किया। मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के रहने वाले हैं। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, राजनीति के साथ-साथ खेलों में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें

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