ईरान से लड़ने में हमसे मदद मांग रहा अमेरिका, छोटे से देश ने कसा ताना; शर्त भी रख दी
फारस की खाड़ी में अमेरिका के सहयोगी इस बात से नाखुश हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमले करने से पहले उन्हें सूचित नहीं किया। साथ ही उन्हें ईरान के जवाबी हमलों का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त समय और मदद नहीं दी गई।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका और पश्चिम एशिया में उसके सहयोगी ईरान के शाहेद ड्रोन का मुकाबला करने में यूक्रेन की मदद चाहते हैं। जेलेंस्की ने बुधवार देर रात कहा कि अमेरिका समेत कई देशों ने ईरानी ड्रोन हमलों से बचाव के लिए यूक्रेन से मदद मांगी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हाल के दिनों में संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, जॉर्डन और कुवैत के नेताओं से संभावित सहयोग के बारे में बात की है।
रख दी एक शर्त
रूस ने लगभग चार साल पहले अपने पड़ोसी देश यूक्रेन पर हमला करने के बाद से उस पर हजारों शाहेद ड्रोन दागे हैं। ईरान ने भी अमेरिकी-इजरायली संयुक्त हमलों के जवाब में इसी प्रकार के ड्रोन दागे हैं। जेलेंस्की ने कहा कि ईरान के ड्रोन हमलों का मुकाबला करने में यूक्रेन की सहायता तभी प्रदान की जाएगी जब इससे यूक्रेन की अपनी सुरक्षा कमजोर न हो और इससे रूसी आक्रमण को रोकने के लिए कीव के राजनयिक प्रयासों को बल मिले।
ताना कसा
उन्होंने कहा, 'हम उन लोगों को युद्ध से बचाने में मदद करते हैं जो हमारी मदद करते हैं, यूक्रेन को रूस के साथ युद्ध का न्यायपूर्ण अंत करने में मदद करते हैं।' जेलेंस्की ने कहा कि ईरान युद्ध ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के सबसे बड़े संघर्ष से अंतरराष्ट्रीय ध्यान हटा दिया है और इस सप्ताह रूस और यूक्रेन के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में होने वाली वार्ता के एक नए दौर को स्थगित करना पड़ा।
पश्चिमी देशों की सरकारों और विश्लेषकों का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में लाखों लोग मारे गए हैं जबकि इस बात का कोई संकेत नहीं है कि अमेरिका के नेतृत्व में वर्षों से जारी शांति प्रयासों से लड़ाई जल्द ही रुक जाएगी।
जेलेंस्की ने कहा, 'ईरान के आसपास की स्थिति के कारण फिलहाल त्रिपक्षीय बैठक के लिए आवश्यक संकेत नहीं मिले हैं।' उन्होंने कहा, 'लेकिन समग्र सुरक्षा ठीक होने पर हम त्रिपक्षीय राजनयिक बैठक फिर से शुरू करेंगे।'
अमेरिका से नाराज खाड़ी देश
पीटीआई भाषा की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि फारस की खाड़ी में अमेरिका के सहयोगी इस बात से नाखुश हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमले करने से पहले उन्हें सूचित नहीं किया। साथ ही उन्हें ईरान के जवाबी हमलों का मुकाबला करने के लिए पर्याप्त समय और मदद नहीं दी गई। अमेरिका और इजराइल द्वारा संयुक्त रूप से किए गए हमलों के बाद ईरान ने कई खाड़ी देशों में ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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