25 साल बाद 9/11 पर सनसनीखेज खुलासा, आरोपी का सऊदी से कनेक्शन; अमेरिका ने छिपाया?

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

अमेरिका पर हुए आतंकवादी हमले से ज्यादा सच कई सालों तक छिपाया गया। अब जांच का नेतृत्व कर चुके पूर्व FBI अधिकारियों का कहना है कि अगर यह सबूत समय पर मिल जाते तो जांच कहीं तेजी से आगे बढ़ सकती थी।

Omar al Bayoumi connections with Saudi officials al Qaeda leader
रिपोर्ट में कुछ हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं

अमेरिका पर 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमले के 25 साल बाद अब एक रिपोर्ट में इसे लेकर बड़े खुलासे हुए हैं। हमले से जुड़े संदिग्ध उमर अल-बायौमी के सऊदी सरकार के अधिकारियों और अल-कायदा के आतंकी अनवर अल-अवलाकी के साथ संबंधों की पुष्टि करने वाले नए वीडियो सामने आए हैं।

यह खुलासा BBC की एक जांच रिपोर्ट में हुआ है। ये वीडियो और अन्य दस्तावेज अमेरिका में 9/11 पीड़ित परिवारों की ओर से सऊदी अरब के खिलाफ दायर करीब 1 ट्रिलियन डॉलर के मुकदमे के दौरान सार्वजनिक हुए। परिवारों का आरोप है कि बायौमी ने पेंटागन पर हमला करने वाले 2 किडनैपर्स की मदद की थी। हालांकि सऊदी अरब और बायौमी दोनों ने इन आरोपों से इनकार किया है।

अल-कायदा नेता के साथ वीडियो

सऊदी अरब से 1994 में सैन डिएगो पहुंचे बायौमी ने दावा किया था कि वह यहां अंग्रेजी पढ़ने आया था। लेकिन वह यहां कई तरह की संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो गया था। 1997 या 1998 की फुटेज में बायौमी को अनवर अल-अवलाकी और सऊदी इस्लामिक मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी के साथ 'पेंटबॉल' खेलते देखा जा सकता है। फुटेज में कुछ लोग सैन्य वर्दी जैसे कपड़े पहने हैं और अल्लाहू अकबर के नारे भी लगा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया है कि इन सत्रों का इस्तेमाल जिहादी ट्रेनिंग के लिए किया जाता था।

झूठा साबित हुआ दावा

इस बीच 1998 के एक अन्य वीडियो में बायौमी और अवलाकी को गले मिलते हुए भी देखा जा सकता है। इसने बायौमी के दावे को झूठा साबित कर दिया है। उसने इससे पहले अवलाकी से मिलने से जुड़े आरोपों को खारिज कर दिया था।

ब्रिटेन में मिला 'विमान का नक्शा'

गौरतलब है कि 9/11 हमले के दो किडनैपर्स नवाफ अल-हजमी और खालिद अल-मिहधार के घर से मिले दस्तावेजों में नाम आने के बाद बायौमी FBI का संदिग्ध बना था। 21 सितंबर 2001 को ब्रिटिश पुलिस ने बायौमी को बर्मिंघम से गिरफ्तार किया। उसके पास से 80 से ज्यादा वीडियो टेप और दस्तावेज मिले। दस्तावेजों में एक हाथ से बना विमान का चित्र और लक्ष्य से उसकी दूरी और ऊंचाई का हिसाब लिखा एक पन्ना भी मिला था। पीड़ितों के वकीलों और अमेरिकी जज ने माना कि यह दस्तावेज दिखाता है कि बायौमी को 9/11 हमलों की पहले से जानकारी थी।

फिर क्यों अटकी जांच?

BBC रिपोर्ट के मुताबिक जांच एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल की कमी के कारण मामला आगे नहीं बढ़ सका। ब्रिटेन में बरामद यह नक्शा और वीडियो लंदन में पूछताछ कर रहे अधिकारियों और सैन डिएगो में मौजूद मुख्य FBI टीम के साथ समय पर साझा ही नहीं किया गया। वहीं जब जांचकर्ताओं ने बायौमी से जुड़े सऊदी अधिकारियों से पूछताछ की इजाजत मांगी, तो उन्हें मना कर दिया गया। अमेरिका के न्याय विभाग के पूर्व अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के सबूतों के आधार पर लोगों को सजा दी जा चुकी है, लेकिन बायौमी पर कभी कोई आरोप दर्ज नहीं किया गया।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi Newsविदेश न्यूज़25 साल बाद 9/11 पर सनसनीखेज खुलासा, आरोपी का सऊदी से कनेक्शन; अमेरिका ने छिपाया?