ग्रीनलैंड पर ट्रंप के 'दोस्त' ने सुना दी खरी-खरी, कहा- दबाव नहीं, डायलॉग से सुलझाओ विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड खरीदने के लिए डेनमार्क और अन्य यूरोपीय सहयोगियों पर 10 से 25 प्रतिशत तक टैरिफ की धमकी दी, तो यूरोप में हलचल मच गई। लेकिन सबसे चौंकाने वाला पल तब आया जब ट्रंप के करीबी दोस्त और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने खुलकर अमेरिका को सुनाया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड खरीदने के लिए डेनमार्क और अन्य यूरोपीय सहयोगियों पर 10 से 25 प्रतिशत तक टैरिफ की धमकी दी, तो यूरोप में हलचल मच गई। लेकिन सबसे चौंकाने वाला पल तब आया जब ट्रंप के करीबी 'दोस्त' और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने खुलकर अमेरिका को सुनाया। डेनमार्क और ग्रीनलैंड के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए उन्होंने जोर दिया कि सहयोगी देशों के बीच विवादों को राजनीतिक या आर्थिक दबाव के बजाय संवाद और साझा नियमों के जरिए ही हल किया जाना चाहिए। यूरोपीय एकता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर बल देते हुए स्टब ने फिनलैंड के डेनमार्क और ग्रीनलैंड के प्रति समर्थन की पुष्टि की। उन्होंने चेतावनी दी कि संभावित अमेरिकी टैरिफ ट्रांसअटलांटिक संबंधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और एक खतरनाक दुष्चक्र को जन्म दे सकते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि फिनलैंड इस सिद्धांत पर चलता है कि सहयोगी देशों के बीच मामले बातचीत और साझा नियमों के माध्यम से सुलझाए जाते हैं, दबाव बनाकर नहीं। सहयोगियों के साथ मिलकर आर्कटिक सुरक्षा को मजबूत करना फिनलैंड के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। डेनमार्क के नेतृत्व में और सहयोगियों के समन्वय से ग्रीनलैंड में चल रही गतिविधियों का भी यही उद्देश्य है। यूरोपीय देश एकजुट हैं। हम क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सिद्धांतों पर जोर देते हैं। हम डेनमार्क और ग्रीनलैंड का समर्थन करते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत जारी है।
इससे पहले, नीदरलैंड्स के विदेश मंत्री डेविड वैन वील ने कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित टैरिफ के मद्देनजर उनका देश यूरोपीय संघ आयोग के साथ चर्चा कर रहा है। X पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि हमने राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ संबंधी घोषणा पर ध्यान दिया है। ग्रीनलैंड में सैन्य अभ्यास से जुड़े प्रयास आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा में योगदान देने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। नीदरलैंड्स अपनी प्रतिक्रिया के बारे में यूरोपीय संघ आयोग और साझेदारों के साथ निकट संपर्क में है।
शनिवार को ट्रंप ने ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों को धमकी दी कि अगर वे ग्रीनलैंड को बेचने के लिए सहमत नहीं हुए तो उन पर टैरिफ लगा दिए जाएंगे। अपनी पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है, और उन्होंने इस क्षेत्र में चीन और रूस के हितों का हवाला दिया। उन्होंने यूरोपीय देशों के साथ बातचीत की पेशकश की, लेकिन चेतावनी दी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो 1 फरवरी 2026 से 10 प्रतिशत टैरिफ और 1 जून 2026 से 25 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ा दिए जाएंगे। ट्रंप ने कहा कि वर्षों तक अमेरिकी समर्थन के बाद अब डेनमार्क के लिए कुछ वापस देने का समय आ गया है।

लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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