
हवा में गुल हो गई बत्ती, दावोस जा रहे ट्रंप का प्लेन टेकऑफ के तुरंत बाद वापस लौटा; क्या वजह?
वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे दोनों एयर फोर्स वन विमान लगभग चार दशक पुराने हैं। इनके विकल्प के तौर पर नए विमानों पर बोइंग काम कर रहा है, लेकिन यह परियोजना लंबे समय से देरी का शिकार हो रही है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में हिस्सा लेने के लिए स्विट्जरलैंड जा रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान में मंगलवार रात अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इसके चलते विमान को टेकऑफ के कुछ ही देर बाद वाशिंगटन के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर वापस उतारना पड़ा। वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने पुष्टि करते हुए कहा कि विमान में 'मामूली इलेक्ट्रिकल समस्या' आ गई थी जिसके चलते एहतियातन यह फैसला लिया गया।
विमान में मौजूद एक रिपोर्टर के मुताबिक, उड़ान के तुरंत बाद प्रेस केबिन की लाइट कुछ देर के लिए चली गई थी, हालांकि उस समय कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई। उड़ान के लगभग आधे घंटे बाद पत्रकारों को सूचित किया गया कि विमान लौट रहा है। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने एक दूसरे यानी बैकअप विमान- एयर फोर्स C-32 से अपनी यात्रा जारी रखी। यह विमान आमतौर पर छोटे घरेलू हवाईअड्डों के लिए इस्तेमाल किया जाता है और बोइंग 757 का संशोधित संस्करण है। ट्रंप देर रात के बाद इस विमान से रवाना हुए और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के लिए दावोस पहुंचे।
वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे दोनों एयर फोर्स वन विमान लगभग चार दशक पुराने हैं। इनके विकल्प के तौर पर नए विमानों पर बोइंग काम कर रहा है, लेकिन यह परियोजना लंबे समय से देरी का शिकार हो रही है। एयर फोर्स वन को अत्यधिक सुरक्षा के साथ विशेष रूप से संशोधित किया गया है- इनमें रेडिएशन से सुरक्षा, एंटी-मिसाइल तकनीक और एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम शामिल हैं, ताकि राष्ट्रपति दुनिया के किसी भी कोने से सैन्य नेतृत्व से संपर्क में रह सकें और आदेश जारी कर सकें।
इसी बीच, पिछले साल कतर के शासक परिवार द्वारा ट्रंप को गिफ्ट में दिए गए एक लक्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट को एयर फोर्स वन फ्लीट में शामिल करने की घोषणा पर भी काफी बहस हुई थी। यह विमान फिलहाल सुरक्षा मानकों के अनुरूप रेट्रोफिट किया जा रहा है। मंगलवार रात एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बातचीत में लेविट ने मजाकिया अंदाज में कहा कि इस वक्त कतरी जेट कहीं बेहतर लग रहा है।
यह घटना पहली नहीं है। पिछले फरवरी में विदेश मंत्री मार्को रुबियो को जर्मनी ले जा रहा एक एयर फोर्स विमान तकनीकी खराबी के कारण वॉशिंगटन लौट आया था। वहीं, अक्टूबर में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को ले जा रहा एक सैन्य विमान विंडशील्ड में दरार आने के कारण यूनाइटेड किंगडम में आपातकालीन लैंडिंग करने पर मजबूर हुआ था।

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