Explainer: US-ईरान वार्ता से पहले महाटेंशन में क्यों पाकिस्तान? मिडिल-ईस्ट भेजे फाइटर जेट, AWACS और C-130 प्लेन

Apr 10, 2026 06:30 pm ISTPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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US-Iran Talks: फ़्लाइट ट्रैकिंग डेटा के पता चलता है कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमान JF-17 थंडर और F-16, ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह शहर के पास मौजूद हैं। ये विमान ईरानी प्रतिनिधिमंडल को ले जा रहे विमान को एस्कॉर्ट करेंगे।

US-ईरान वार्ता से पहले महाटेंशन में क्यों पाकिस्तान? मिडिल-ईस्ट भेजे फाइटर जेट, AWACS और C-130 प्लेन

US-Iran Talks: ईरान और अमेरिका में हुए सीजफायर को धरातल पर उतारने की जद्दोजहद में पड़ोसी देश पाकिस्तान परेशान है। एक तरफ, उसने राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम बातचीत को लेकर सुरक्षा बढ़ा दी है तो दूसरी तरफ मिडिल-ईस्ट में भी अभूतपूर्व सुरक्षा कवच तैयार किया है। इसी के चलते पाकिस्तान ने वहां आसमानी किलेबंदी की है और फाइटर जेट्स से लेकर C-130 ट्रांसपोर्ट विमान, रीफ़्यूलिंग टैंकर और AWACS तक तैनात किए हैं।

दरअसल, पाकिस्तान को शक है कि वार्ता में आने वाले ईरानी प्रतिनिधिमंडल को इजरायल टारगेट कर सकता है। इसलिए, इजरायल की किसी भी "गलत हरकत" से ईरानी विमानों को सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) ने मिडिल-ईस्ट में अपने सबसे बड़े ऑपरेशन्स में से एक को अंजाम दिया है। विशेषज्ञ इसे 'आयरन एस्कॉर्ट' कह रहे हैं। मिडिल-ईस्ट के आसमान में इस तरह की हवाई किलेबंदी इस बात की ओर इशारा करता है कि ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान पर कितना ज़्यादा दबाव है।

इस्लामाबाद में लॉकडाउन जैसे हालात

इसी का नतीजा है कि आसमान में ऐसा कवच और जमीन पर इस्लामाबाद में लॉकडाउन जैसे हालात हैं। पूरे इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, खासकर उन सड़कों पर जो 'रेड ज़ोन' की ओर जाती हैं, जहाँ सरकार की अहम इमारतें स्थित हैं। पाक राजधानी में अधिकारियों ने दो दिनों की सार्वजनिक छुट्टी भी घोषित कर दी है। साथ ही, भारी संख्या में सेना तैनात की गयी है और जगह-जगह तलाशी केंद्र बनाए गए हैं। विदेश मंत्रालय से सटा हुआ 'सेरेना होटल' जहां बातचीत होनी है, उसे पूरी तरह सील कर दिया गया है।

अंतरराष्ट्रीय साख दांव पर लगी है

दरअसल, पाकिस्तान अच्छी तरह जानता है कि उसकी अंतरराष्ट्रीय साख दांव पर लगी है। इस्लामाबाद के कुछ हिस्सों को पूरी तरह से बंद करने के अलावा, पाकिस्तान ने अपने दक्षिणी और पश्चिमी हवाई क्षेत्रों में अपने एयर डिफ़ेंस सिस्टम को भी एक्टिवेट कर दिया है। पाकिस्तानी अखबार द डॉन से बातचीत में पाकिस्तानी मंत्री मोहसिन नक़वी ने बताया कि सभी विदेशी मेहमानों को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की गई है।

PAF के विमान कहां-कहां तैनात?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट में फ़्लाइट ट्रैकिंग डेटा के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमान JF-17 थंडर और F-16, ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह शहर के पास मौजूद हैं। ये विमान ईरानी प्रतिनिधिमंडल को ले जा रहे विमान को एस्कॉर्ट करेंगे। तेहरान से इस्लामाबाद आने में लगभग तीन घंटे लगते हैं। इसके अलावा, पाकिस्तानी एयर फोर्स ने IL-78 रीफ़्यूलिंग टैंकर भी तैनात किए हैं, जो लड़ाकू विमानों को हवा में ज़्यादा देर तक रहने में मदद करेंगे। पाकिस्तान ने मिडिल-ईस्ट में C-130 हरक्यूलिस विमान भी तैनात किए हैं,जो उन्हें लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायता उपलब्ध कराएंगे। इसके साथ ही पाक ने एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) जिन्हें "आसमान की आँखें" कहा जाता है भी तैनात किया है। AWACS पाकिस्तान से लेकर फ़ारस की खाड़ी तक के हवाई क्षेत्र पर लगातार नजर रख रहा है।

PAF के विमान UAE और सऊदी अरब के पास भी तैनात

अहम बात ये है कि PAF की ये तैनाती सिर्फ़ ईरानी हवाई क्षेत्र तक ही सीमित नहीं है। फ़्लाइट रडार डेटा से पता चला है कि PAF के विमान UAE और सऊदी अरब के पास भी देखे गए हैं, जिनके साथ पाकिस्तान का NATO-शैली का रक्षा समझौता है। यह खाड़ी के प्रमुख देशों के साथ व्यापक समन्वय प्रयासों की ओर इशारा करता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह एक अभूतपूर्व तैनाती है। इसका स्पष्ट मतलब है कि पाकिस्तान किसी भी तरह का जोखिम लेने को तैयार नहीं है क्योंकि पूरी दुनिया इस वक्त इन वार्ताओं के नतीजों को बेसब्री से देख रही है, क्योंकि इस क्षेत्र का भविष्य इन्हीं पर निर्भर करता है। यह पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय साख भी मजबूत करेगा।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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