ट्रंप की डेडलाइन खत्म होने से पहले ही ईरान के हाईवे और रेलवे पुलों पर शुरू हुए हमले, अब तक कहां-कहां अटैक?
इजरायल के हमलों में दो ईरानी नागरिकों की मौत हुई है, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं। IDF ने कहा है कि उसने ईरान के काशान रेलवे ब्रिज को भी उड़ा दिया है। इसके अलावा कजविन में भी रेलवे पुल पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को पाषाण युग में पहुंचाने की धमकी यानी डेडलाइन आज मंगलवार रात आठ बजे समाप्त होने वाली है लेकिन उससे पहले ही अमेरिकी और इजरायली फौजों ने ईरान के रेलवे स्टेशनों और पुलों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इजरायली सुरक्षा बलों (IDF) ने कहा है कि उसने ईरान पर एक साथ कई जगहों पर हमले किए हैं। IDF के मुताबिक, ईरान के कोम शहर में कोम ब्रिज पर हमला किया गया है। इसके अलावा याह्याबाद रेलवे ब्रिज पर भी हमले किए गए हैं। ईरान के शहरियार में नागरिक ठिकानों पर भी हमले हुए हैं।
इजरायल के इन हमलों में दो की मौत हुई है, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं। IDF ने कहा है कि उसने ईरान के काशान रेलवे ब्रिज को भी उड़ा दिया है। इसके अलावा कजविन में भी रेलवे पुल पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया है। हमलों को देखते हुए ईरानी सरकार ने मशहद रेलवे स्टेशन बंद कर दिया है। दूसरी तरफ, मेहर न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के ऑयल हब खार्ग द्वीप पर भी ताबड़तोड़ हवाई हमले किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, खार्ग पर एक के बाद एक हमले किए जा रहे हैं।
ईरान ने UAE पर मिसाइल दागे
इन हमलों के जवाब में ईरान ने UAE पर मिसाइल दागे हैं। ईरान के सरकारी मीडिया ने रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक बयान की रिपोर्ट दी है, जिसमें कहा गया है कि अगर US ने आम नागरिकों से जुड़ी जगहों पर हमला किया, तो वे भी वैसा ही जवाब देने में जरा भी नहीं हिचकिचाएँगे। इजरायली हमलों के जवाब में ईरान ने भी सेट्रल इजरायल पर रॉकेटों की बौछार की है। इससे पेटाह टिकवा में एक इमारत ढह गई। इसके अलावा गिवत शमुएल में भी नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचने की खबरें मिली हैं।
ट्रंप की डेडलाइन हो रही खत्म
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को धमकी दी है कि यदि मंगलवार रात आठ बजे तक होर्मुज समुद्री मार्ग को नहीं खोला जाता है, तो ईरान को भारी बमबारी और भीषण हमलों का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने धमकी दी है कि यदि ईरान समय सीमा से पहले समुद्री परिवहन के लिए होर्मुज नहीं खोलता है, या कोई 'स्वीकार्य' समझौता नहीं करता है, तो वह 'एक ही रात में' उसे खत्म कर देंगे।
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।
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