ईरान-US जंग रुकवाने को बेताब पाक, इधर उसके ही घर में लगी आग; सीजफायर के बावजूद भारी गोलाबारी

Pramod Praveen रॉयटर्स, इस्लामाबाद/ काबुल
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ये गोलाबारी ऐसे वक्त में हुए, जब रविवार को ही पाकिस्तान ने मध्य पूर्व में युद्ध को कम करने पर चर्चा करने के लिए क्षेत्रीय शक्तियों की मेज़बानी की थी, और यह घोषणा की थी कि इस्लामाबाद आने वाले दिनों में बातचीत की मेजबानी कर सकता है।

ईरान-US जंग रुकवाने को बेताब पाक, इधर उसके ही घर में लगी आग; सीजफायर के बावजूद भारी गोलाबारी

पड़ोसी देश पाकिस्तान ईरान युद्ध में मध्यस्थ की भूमिका निभाने को बेकरार है। इसी कड़ी में पाकिस्तान ईरान और अमेरिका की बीच संभावित बातचीत की मेजबानी के लिए जुटा है लेकिन दूसरी तरफ पाकिस्तान खुद जंग लड़ रहा है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर एक बार फिर भारी गोलीबारी हुई है, जिससे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया है। दोनों पक्षों ने यह बात कही है। यह घटना दोनों देशों द्वारा लड़ाई में अस्थायी रोक की घोषणा के कुछ ही दिनों बाद हुई है।

दोनों देशों के बीच ये झड़प रविवार को हुई। जहां दोनों देशों ने सीमा क्षेत्रों में तोपखाने और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में हमले किए जबकि अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के बाजौर जिले में हमले किए। अफगान पक्ष के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 1 व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि 16 लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। ये गोलाबारी ऐसे वक्त में हुए, जब रविवार को ही पाकिस्तान ने मध्य पूर्व में युद्ध को कम करने पर चर्चा करने के लिए क्षेत्रीय शक्तियों की मेज़बानी की थी, और यह घोषणा की थी कि इस्लामाबाद आने वाले दिनों में बातचीत की मेज़बानी कर सकता है।

सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये के साथ बैठक

पाक के विदेश मंत्री इसहाक डार ने रविवार को बताया कि सऊदी अरब, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक के बाद इस्लमाबाद अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता आयोजित करेगा। इसहाक डार ने विदेश मंत्रियों द्वारा पश्चिम एशिया संघर्ष पर परामर्श किए जाने के दौरान यह टिप्पणी की। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में गंभीर संकट पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा, ''हम इस बात पर सहमत हुए कि यह युद्ध किसी के हित में नहीं है और इससे केवल मृत्यु तथा विनाश ही होगा; इन चुनौतीपूर्ण समय में मुस्लिम समुदाय की एकता बहुत जरूरी है।''

अफगानिस्तान में एक की मौत, 16 घायल

इस बीच, काबुल के तालिबान प्रशासन के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने बताया कि पाकिस्तान की गोलीबारी में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए, जिनमें ज़्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। दूसरी तरफ पाक सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान ने केवल अफ़गानिस्तान की ओर से हुई गोलाबारी का जवाब दिया, और इस बात से इनकार किया कि उसने किसी भी नागरिक ठिकाने को निशाना बनाया। एक पाकिस्तानी सरकारी अधिकारी ने कहा कि अफ़गानिस्तान का दावा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। उन्होंने कहा, “अफ़गान पक्ष की ओर से कुछ छोटी-मोटी उल्लंघन की घटनाएं हुईं और हमने उसी सेक्टर में उसका जवाब दिया।”

पिछले महीने शुरू हुई भीषण जंग

बता दें कि पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान के बीच पिछले कई सालों की सबसे भीषण लड़ाई पिछले महीने शुरू हुई है, जिसमें दोनों पक्षों को भारी जान-माल का नुकसान हो चुका है। काबुल ने कहा कि इस महीने अफ़गान राजधानी में एक नशा मुक्ति केंद्र पर पाकिस्तानी हवाई हमले में 400 से ज़्यादा लोग मारे गए थे, जिसके बाद दोनों पड़ोसी देशों ने लड़ाई रोक दी थी लेकिन रविवार को फिर से लड़ाई भड़क उठी है। पाकिस्तान ने इस हमले के बारे में तालिबान के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि उसने “सटीक रूप से सैन्य ठिकानों और आतंकवादी सहायता बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया था।”

ईद से पहले हुआ था सीजफायर

दरअसल, तुर्की, कतर और सऊदी अरब के कहने पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने इस्लामी त्योहार ईद-उल-फितर के मौके पर लड़ाई रोकने की घोषणा की थी, जिसे इस्लामाबाद ने पिछले हफ़्ते खत्म कर दिया। हालांकि, काबुल ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह घोषणा नहीं की है कि क्या उनकी तरफ से संघर्ष विराम अभी भी जारी है या नहीं। इस्लामाबाद, अफ़गान तालिबान पर उन इस्लामी आतंकवादियों को पनाह देने और समर्थन देने का आरोप लगाता है जो पाकिस्तान के अंदर हमले करते हैं। काबुल ने इससे इनकार करते हुए कहा है कि उग्रवाद पाकिस्तान की आंतरिक समस्या है।

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लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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