चीन की कोशिशें नाकाम! पाकिस्तान ने फिर किया हमला, अफगानिस्तान ने दूत को किया तलब
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड रेखा पर फिर से तनाव चरम पर है। काबुल ने पाकिस्तान पर कुनार प्रांत में रॉकेट हमले का आरोप लगाया है, जिसमें 4 की मौत और 30 छात्रों समेत 70 लोग घायल हुए हैं।

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर से सीमा विवाद और कूटनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में अफगानिस्तान ने दावा किया है कि उसके पड़ोसी देश (पाकिस्तान) ने सीमा पार से हमले किए हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। सोमवार को हुए इन हमलों में 4 लोगों की मौत हो गई और 70 लोग घायल हुए हैं। चिंताजनक बात यह है कि घायलों में 30 छात्र भी शामिल हैं।
दोनों देशों के आमने-सामने के दावे
अफगानिस्तान का आरोप: अफगान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस हमले की निंदा की। उन्होंने लिखा- एक बार फिर पाकिस्तानी सैन्य शासन द्वारा कुनार प्रांत के केंद्र 'असदाबाद' और 'मनवर जिले' के विभिन्न इलाकों में मोर्टार और रॉकेट से भारी बमबारी की गई है।"
पाकिस्तान का इनकार: पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। सोमवार को एक पोस्ट के जरिए मंत्रालय ने कहा- पाकिस्तान द्वारा की जाने वाली सैन्य कार्रवाई पूरी तरह से सटीक और खुफिया जानकारी पर आधारित होती है। उन्होंने अफगानिस्तान के दावों को तुच्छ और फर्जी करार दिया।
राजनयिक विरोध और सीमा पर अन्य झड़पें
इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर भी तल्खी देखने को मिली। मंगलवार को अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल में मौजूद पाकिस्तानी दूतावास के 'शार्जे डी'अफेयर्स' (प्रभारी) को तलब किया। मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, अफगानिस्तान ने कुनार प्रांत के एक विश्वविद्यालय सहित रिहायशी इलाकों, सार्वजनिक संपत्तियों और 'डूरंड रेखा' (अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा) के पास पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए हमलों पर अपना कड़ा विरोध जताया है।
चेक पोस्ट नष्ट
मंगलवार को ही एक अलग घटना में, 'रेडियो पाकिस्तान' की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने बलूचिस्तान से सटी सीमा पर बनी अफगान सुरक्षा चौकियों (चेक पोस्ट) को नष्ट कर दिया। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा साझा होती है। यह सीमा पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा से शुरू होकर दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान तक फैली हुई है।
विवाद की असली जड़
इन लगातार होने वाली झड़पों के पीछे मुख्य कारण आतंकवाद और घुसपैठ है। पाकिस्तान लगातार काबुल की तालिबान सरकार से यह मांग कर रहा है कि वह अपनी धरती पर पनप रहे और वहां से पाकिस्तान में हमलों की साजिश रचने वाले चरमपंथियों पर सख्त कार्रवाई करे। हालांकि, अफगानिस्तान लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है कि उसकी जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए हो रहा है।
चीन की मध्यस्थता और शांति के प्रयास
इस नए तनाव से ठीक एक महीने पहले दोनों देशों के बीच सीजफायर (संघर्ष विराम) पर सहमति बनी थी। इस शांति प्रक्रिया में चीन ने अहम भूमिका निभाते हुए दोनों देशों के बीच कार्य-स्तरीय वार्ता आयोजित की थी। इससे इस अशांत क्षेत्र में एक नाजुक सी शांति स्थापित होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन हालिया हमलों और बयानबाजी ने इस शांति प्रक्रिया को फिर से खतरे में डाल दिया है।
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