अफगानिस्तान में भारी बारिश और बर्फबारी, अचानक आई बाढ़ ने 17 लोगों की ली जान
अफगानिस्तान मौसमी बारिश के बाद आने वाली बाढ़ जैसी चरम मौसम घटनाओं के प्रति संवेदनशील है। दशकों के संघर्ष, खराब बुनियादी ढांचे, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के तेज प्रभावों ने ऐसी आपदाओं को बढ़ा दिया है।

अफगानिस्तान में मौसम की पहली भारी बारिश और बर्फबारी ने लंबे समय से जारी शुष्क मौसम को तो खत्म किया, लेकिन इसके साथ ही कई इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने 17 लोगों की जान ले ली और 11 अन्य घायल हो गए। अफगानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। हेरात प्रांत के काबकान जिले में मकान की छत गिरने से एक ही परिवार के 5 सदस्य मारे गए। हेरात के गवर्नर के प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ सईदी के अनुसार मरने वालों में 2 बच्चे भी शामिल हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ हम्माद ने बताया कि खराब मौसम के कारण देश के मध्य, उत्तरी, दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हम्माद ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। मवेशी मारे गए हैं और लगभग 1,800 परिवार प्रभावित हुए हैं जिससे पहले से ही कमजोर शहरी और ग्रामीण समुदायों की स्थिति और खराब हो गई है। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान के आकलन के लिए टीम भेजी गईं हैं।
अफगानिस्तान मौसमी घटनाओं के प्रति संवेदनशील
अफगानिस्तान मौसमी बारिश के बाद आने वाली बाढ़ जैसी चरम मौसम घटनाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। दशकों के संघर्ष, खराब बुनियादी ढांचे, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के तेज प्रभावों ने ऐसी आपदाओं के प्रभाव को बढ़ा दिया है। खासकर उन दुर्गम क्षेत्रों में जहां अधिकांश घर मिट्टी के बने होते हैं और अचानक बाढ़ से सीमित सुरक्षा प्रदान करते हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य सहायता एजेंसियों ने इस सप्ताह चेतावनी दी है कि अफगानिस्तान 2026 में दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक बना रहेगा। संयुक्त राष्ट्र और उसके मानवीय साझेदारों ने देश में तत्काल जरूरत वाले लगभग 1.8 करोड़ लोगों की सहायता के लिए 1.7 अरब डॉलर का अपील की।

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Niteesh Kumarलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




