अफगानिस्तान में बाढ़ का कहर: दर्जनों मरे, 100 से अधिक लापता; वीडियो में दिखी तबाही

पीटीआई, काबुल
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जानकारों की मानें तो इस आपदा के पीछे का कारण सिर्फ बारिश नहीं है। दशकों से संघर्ष का दंश झेल रहे अफगानिस्तान में खराब इंफ्रास्ट्रक्चर, कमजोर अर्थव्यवस्था और जंगलों की कटाई ने इस तरह की आपदा के प्रभाव को बढ़ा दिया है।

भारतीय उपमहाद्वीप में इन दिनों बारिश और बाढ़ का कहर जारी है। भारत और चीन के कई राज्यों में बाढ़ की वजह से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। इस बीच अब पूर्वी अफगानिस्तान में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। अफगान अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई है, जबकि लगभग 80 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 100 से अधिक लोग लापता हैं।

अफगानिस्तान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ANDMA) के प्रवक्ता युसूफ हम्माद के मुताबिक बाढ़ का सबसे ज्यादा असर पूर्वी प्रांत नूरिस्तान में देखने को मिल रहा है। यहां पारून और नूरिस्तान के कई अन्य इलाकों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। आपदा में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। सैंकड़ों लोगों के घर और खेत जलमग्न हो गए हैं। फिलहाल प्रशासन लापता लोगों को खोजने के लिए राहत और बचाव कार्य चला रही है।

सोशल मीडिया पर दिखी तबाही

सोशल मीडिया पर अफगानिस्तान की भयावह स्थिति को दिखाने वाले कई विडियोज सामने आए हैं। वीडियो में कई घरों को जमींदोज होते और लोगों की बेबस स्थिति देखी जा सकती है।

जारी किया गया है अलर्ट

इस बीच देश के 34 में से 10 प्रांतों के लिए खराब मौसम का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने भारी बारिश, गरज के साथ छींटे, धूल और रेत के साथ तेज हवाएं चलने और फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है। मंत्रालय ने लोगों को नदियों के किनारों और बाढ़ के खतरे वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि लोग बाढ़ के खतरे वाले संवेदनशील इलाकों और जोखिम भरे क्षेत्रों से दूर रहें।

कच्चे मकान और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा रहे मुसीबत

अफगानिस्तान में दशकों के संघर्ष, खराब इंफ्रास्ट्रक्चर, कमजोर अर्थव्यवस्था, जंगलों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर ने आपदा के प्रभाव को और बढ़ा दिया है। दूरदराज इलाकों में कई घर मिट्टी के बने हैं। ऐसे में वे अचानक आए बाढ़ का मुकाबला नहीं कर पाते हैं। इससे पहले इस साल की शुरुआत में भी देश के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 110 लोगों की जान चली गई थी।

Jagriti Kumari

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Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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