अब्राहम अकॉर्ड से जुड़ेगा एक और इस्लामिक देश, ट्रंप ने खुद किया ट्वीट; कई और मुल्क लाइन में
संक्षेप: कोरोना काल में अब्राहम अकॉर्ड हुआ था, जिससे बहरीन, यूएई जैसे देश जुड़े और इजरायल के साथ औपचारिक संबंधों की शुरुआत की थी। अब इस कड़ी में कजाखस्तान नया इस्लामिक देश है, जो अब्राहम अकॉर्ड का हिस्सा बनेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका ऐलान किया है।
एक तरफ हमास और इजरायल की जंग को लेकर इस्लामिक दुनिया में उबाल है। यहूदी देश के खिलाफ कई बार इस्लामिक देशों के संगठन मीटिंग कर चुके हैं। इस बीच अमेरिका और इजरायल की ओर से इस्लामिक दुनिया के कुछ देशों को अपने साथ लाने के प्रयास भी जारी हैं। इसी के तहत कोरोना काल में अब्राहम अकॉर्ड हुआ था, जिससे बहरीन, यूएई जैसे देश जुड़े और इजरायल के साथ औपचारिक संबंधों की शुरुआत की थी। अब इस कड़ी में कजाखस्तान नया इस्लामिक देश है, जो अब्राहम अकॉर्ड का हिस्सा बनेगा। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका ऐलान किया है।

उन्होंने कहा कि मध्य एशिया का मुस्लिम बहुल देश कजाखस्तान ऐसा पहला देश होगा, जो उनके दूसरे कार्यकाल में अब्राहम अकॉर्ड का हिस्सा बनेगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर इस संबंध में पोस्ट करके जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मैंने कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासम-जोमार्ट तोकायेव से बात की है। इसके अलावा इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से भी इस संबंध में बात की है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया में शांति स्थापित करना चाहते हैं और उसके लिए ये संबंध अहम हैं। इसी के तहत अब्राहम अकॉर्ड अहम है और सभी इसके साथ जुड़कर शांति एवं समृद्धि को बढ़ावा देना चाहते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप का दावा- कुछ और मुसलमान देश हैं लाइन में
डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा भी किया कि अभी इस अकॉर्ड से कुछ और देश भी जुड़ने के लिए कतार में हैं। उन्होंने कहा कि हम जल्दी ही एक सेरेमनी का ऐलान करेंगे, जिसमें कजाखस्तान अब्राहम अकॉर्ड का हिस्सा बनेगा। हमें उम्मीद है कि जल्दी ही दुनिया में एकता, विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए कुछ और देश भी साथ आएंगे। बता दें कि इस अकॉर्ड से सीरिया के भी जुड़ने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। यह इजरायल का पड़ोसी देश है और यदि सीरिया साथ आया तो यह बड़ा बदलाव होगा। खासतौर पर मध्य पूर्व एशिया में शांति और स्थिरता के लिहाज से यह अहम होगा। यही नहीं मुस्लिम देशों की एकता के लिए भी यह देखने लायक होगा।
इजरायल के साथ कजाखस्तान के हैं पुराने रिश्ते, अब क्या बदलेगा
बता दें कि कजाखस्तान के पहले से ही इजरायल से रिश्ते रहे हैं। कभी सोवियत संघ का हिस्सा रहे कजाखस्तान ने 1992 में इजरायल के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित किए थे। ट्रंप का मानना है कि मुसलमान देशों को साथ लाने से गाजा में भी शांति व्यवस्था स्थापित करने में मदद मिलेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि गाजा में इजरायली हमलों के खिलाफ मुसलमान देश एकजुट रहे हैं।
कजाखस्तान भी मुस्लिम बहुल देश, पर क्यों नहीं है कट्टरता
कज़ाखस्तान की आबादी लगभग 2 करोड़ है और यह क्षेत्रफल की दृष्टि से दुनिया के सबसे बड़े देशों में से एक है। हालांकि इसकी अधिकांश आबादी मुस्लिम है, लेकिन यह आधिकारिक तौर पर इस्लामिक देश नहीं है। जैसा बहरीन, मोरक्को और संयुक्त अरब अमीरात के साथ है, जिन्होंने 2020 में अब्राहम अकॉर्ड में शामिल होने का फैसला लिया था। यही नहीं कजाखस्तान को अपेक्षाकृत उदारवादी देश माना जाता है। अन्य इस्लामिक देशों के मुकाबले सोवियत से अलग होने वाले मुल्क मुस्लिम बहुल तो हैं, लेकिन कट्टरता वहां नहीं है।

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