
ईरान के प्रदर्शन में मारे गए 116 जवान, सड़क पर उतरे लोगों को आतंकवादी बता रही सरकार
ईरान के सरकारी मीडिया का कहना है कि देशव्यापी प्रदर्शन में अब तक 116 जवान मारे गए हैं। वहीं मानवाधिकार संस्थाओं ने बताया है कि अब तक कम से कम 302 प्रदर्शानकारियों की मौत हुई है।
ईरान के सरकार विरोधी प्रदर्शनों में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। दो सप्ताह से जारी इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 203 हो गई है। अमेरिका की एक मानवाधिकार संस्था ने यह जानकारी दी है। वहीं ईरान की सरकारी मीडिया का कहना है कि हिंसक विरोध प्रदर्शन की वजह से कई दर्जन सुरक्षा अधिकारी मारे गए हैं। वहीं ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका कोई भी दखल देता है तो वह पलटवार कर देगा।
ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने बताया कि रविवार को इसफाहान प्रांत में कम से कम 30 पुलिस अधिकारी और सुरक्षाबलों के जवानों की मौत हो गई। इसके अलावा केरमनशाह में भी 6 सुरक्षाबल मारे गए हैं। सरकारी न्यूज एजेंसी का कहना है कि अब तक कम से कम 109 जवान मारे गए हैं। ईरान की रेड क्रेसेंट सोसाइटी का कहना है कि गोरगान में राहत बचाव के समय भड़के दंगे में उसका एक कर्मचारी मारा गया है। वहीं माशहद में शनिवार की रात को एक मस्जिद को आग के हवाले कर दिया गया।
प्रदर्शनकारियों की मौत की सही जानकारी नहीं दे रही सरकार?
ईरान का सरकारी टीवी प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी के रूप में दिखा रहा है और सुरक्षा बलों के कर्मियों के हताहत होने की जानकारी दे कर रहा है। हालांकि, इसने यह भी स्वीकार किया कि विरोध प्रदर्शन रविवार सुबह तक जारी रहे। इसने तेहरान और उत्तर-पूर्व में स्थित शहर मशहद में प्रदर्शन होने की जानकारी दी। अमेरिका की चेतावनियों के बावजूद, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
प्रदर्शनकारियों को बताया अल्लाह का दुश्मन
ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने शनिवार को चेतावनी दी कि प्रदर्शनों में भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति को अल्लाह का दुश्मन माना जाएगा और इसके लिए मृत्युदंड का भी प्रावधान है। ईरान के सरकारी टेलीविजन द्वारा प्रसारित बयान में कहा गया है कि दंगाइयों की मदद करने वालों को भी इस आरोप का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को समर्थन देते हुए सोशल मीडिया पर कहा, ‘ईरान आजादी चाहता है जो शायद उसने पहले कभी नहीं देखी थी। अमेरिका मदद के लिए तैयार है।’
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा, "लोगों की अपनी चिंताएं हैं। हमें उनके साथ बैठना चाहिए और हमें उन चिंताओं का हल निकालना चाहिए। लेकिन इससे भी ज़्यादा ज़रूरी है कि दंगाइयों के समूह को पूरे समाज को तबाह न करने दिया जाए।"

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Ankit Ojhaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




