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बरसात के पानी में बह गई भ्रष्टाचार की सड़क

नगर निगम के बांकीपुर अंचल कार्यालय के सामने 12 लाख की लागत से बनी सड़क 12 दिन भी नहीं चल पाई। लगातार हो रही बारिश में सड़क की सीमेंट-बालू बह गई, गिट्िटयां भी उखड़ने लगीं हैं। 200 मीटर की सड़क में 20 से अधिक गड्ढे बन गए हैं। जब इस सड़क के निविदा और ठेकेदार की खोज की गई तो निगम का भ्रष्टाचार सामने आया। इस सड़क को बिना निविदा के ही बनवाया जा रहा था। ठेकेदार और कार्यपालक अभियंता दोनों ने इस बात को स्वीकार किया है। ठेकेदार ने तो यहां तक कह दिया कि निगम में कई कार्य ऐसे ही होते हैं। पहले कार्य कर दिया जाता है, फिर निविदा होती है। 

नगर निगम की सड़कों में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। इसका खुलासा निगम कार्यालय के सामने ही हुआ। बांकीपुर अंचल कार्यालय के सामने वैशाली गोलंबर से निशा मंदिर तक करीब 200 मीटर की सड़क बारिश में बह गई। सड़क के बहने के बाद जब हिन्दुस्तान स्मार्ट ने पड़ताल की तो बिना निविदा के बन रही सड़कों का खुलासा हुआ। पटना में सड़क बनने के बाद निविदा होती है। जिसने काम किया, उसे चिन्हित कर काम की जिम्मेदारी दे दी जाती है। काम तो पहले ही हो चुका था, ऐसे में भुगतान भी समय से पहले ही कर दिया जाता है। बिना निविदा की जो सड़क बनती है, उसकी कोई जांच भी नहीं होती। पटना में न जाने ऐसी कितनी सड़कें ऐसी बनी होंगी, जो बनने के कुछ ही दिनों बाद गड्ढे में तब्दील हो गईं। 

जिलाधिकारी के निर्देश पर शुरू  हुआ था काम
लोकसभा चुनाव में नगर निगम के अंचल कार्यालयों को हरित मतदान केंद्र के रूप में घोषित किया गया था। इसी बीच बांकीपुर अंचल कार्यालय का निरीक्षण करने डीएम कुमार रवि पहुंचे। कार्यालय के सामने की सड़क देख डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तुरंत बनवाने का आदेश दिया। चुनाव बीत गए, तब अधिकारियों को याद आया कि सड़क तो बनी ही नहीं। आनन फानन में अधिकारी के मौखिक आदेश पर एक ठेकेदार ने पीसीसी सड़क का निर्माण शुरू कर दिया। जून महीने में शुरू हुआ काम अभी पूरा ही हुआ था कि बारिश शुरू हो गई। जब ठेकेदार से पूछा गया कि किस अधिकारी के आदेश पर काम किया है, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। 

बिना निविदा की सड़क 
निगम में किसी भी निर्माण कार्य को करवाने के लिए प्रक्रिया तय की गई है। जो भी कार्य करवाना होता है, उसका पहले एस्टीमेट बनाया जाता है, फिर निविदा निकाली जाती है। जो निगम की शर्तों पर सबसे कम कीमत में काम करने को तैयार होता है उस एजेंसी को वर्क ऑर्डर दिया जाता है। कार्य के समय निगम के अधिकारी निरीक्षण करते हैं। अगर गड़बड़ी पाई जाती है तो वर्क ऑर्डर को निरस्त भी किया जा सकता है। अंचल कार्यालय के सामने बनी सड़क में सारे नियम ताक पर रख दिए। 

हमने निविदा अखबार में प्रकाशित होने के लिए भेजी थी, लेकिन वह हुई नहीं। इसके प्रकाशन के लिए दोबारा भेजने की तैयारी चल रही है। सड़क निर्माण के दौरान यातायात पर रोक नहीं लग पाने की वजह से सड़क खराब हुई है। 
-विनय कुमार, कार्यपालक अभियंता, बांकीपुर अंचल नगर निगम 

निगम में कुछ काम बिना निविदा के मौखिक तौर पर भी कराए जाते हैं। इसी तर्ज पर सड़क का निर्माण किया गया। निर्माण कार्य के बीच बारिश शुरू हो गई। जिसकी वजह से सड़क उखड़ गई है। सड़क को मरम्मत करके निगम को सौंपा जाएगा। 
-गुड्डू पटेल, ठेकेदार

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  • Web Title:Road to corruption flowing into rainy waters