Poisons are being mixed in Patna to change color of oil - स्मार्ट एक्सक्लूसिव: पटना में तेल का रंग बदलने के लिए मिला रहे जहर DA Image
21 नबम्बर, 2019|11:53|IST

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स्मार्ट एक्सक्लूसिव: पटना में तेल का रंग बदलने के लिए मिला रहे जहर

केंद्रीय खाद्य सुरक्षा एजेंसी के एक पत्र ने पटना  के खाद्य सुरक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। एजेंसी ने पत्र लिखकर यह जानकारी दी है कि पटना में खाने के तेल में मिलावट की जा रही है। होटल वाले ट्रांस-फैट नाम का धीमा जहर मिला रहे हैं। वे ऐसा इसलिए करते हैं जिससे तेल में कितनी बार भी सामान को तलें लेकिन वह काला न हो। गौरतलब है कि खाद्य नियामक संस्था एफएसएसएआई के निर्देश के बाद पटना में हुई जांच में केमिकल का खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के कई होटलों के तेल में केमिकल मिलाने का मामला पाया है। नमूना जांच के लिए भेजते हुए टीम ने तेल को दो बार से अधिक गर्म करने पर बड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है। मिलावट के इस खेल में अब शहर के सभी होटलों व खाद्य पदार्थों की दुकानों पर छापेमारी कर नमूना लेने के लिए टीम बनाई जा रही है। 

दो बार गर्म करने के बाद तेल हो जाता है जहर
खाद्य तेलों को दो बार से अधिक गर्म करने पर यह मीठा जहर हो जाता है। इसमें पकाया गया सामान सेहत के लिए काफी हानिकारक हो जाता है। पटना में फुटपाथ की दुकान से लेकर होटलों तक में दस-दस बार तेल को गर्म कर खाद्य पदार्थों को पकाया जाता है। आलम यह है कि बचे तेल में ही नया तेल मिलाकर सामान पकाया जा रहा है। 

तेल को जहर बना देता है ट्रांस-फैट
डॉक्टरों का कहना है कि ट्रांस-फैट एक प्रकार का असंतृप्त वसा अम्ल (अनसैचुरेटेड फैटी एसिड) है। जब इसका उपयोग खाद्य तेलों में किया जाता है तो यह जहर जैसा बन जाता है। ट्रांस-फैट को तरल वनस्पति तेल में हाइड्रोजन मिलाकर तैयार किया जाता है, ताकि उसे और भी ठोस बनाया जा सके और खाद्य तेलों को अधिक बार गर्म करने के बाद भी काला होने से बचाया जा सके। ट्रांस-फैट बड़े पैमाने पर वनस्पति तेल, कृत्रिम मक्खन और बेकरी के खाद्य पदार्थो में मिलाया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन इससे दूर रहने के लिए जागरुकता अभियान भी चला रहा है। 

ऐसे हुआ केमिकल का खुलासा
- केंद्रीय खाद्य सुरक्षा विभाग के निर्देश पर पटना के सभी केएफसी की जांच हुई। जांच में तेल को दो बार से अधिक गर्म करने का मामला सामने आया। 
- तेल बार-बार गर्म करने के बाद भी काला न हो इसके लिए केमिकल मिलाया जाता था। नमूना जांच के लिए भेजा गया है। तेल का लेखा-जोखा भी देना पड़ रहा है।
- कई मॉल से तेल के 10 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। दो बार से अधिक तेल गर्म करने वालों की जांच भी हो रही है। 

बीमार कर देगा यह तेल
उदर रोग विशेषज्ञ डॉ संजीव कुमार का कहना है कि ट्रांस-फैट काफी खतरनाक होता है। खाने के तेल में मिलकर यह धीमा जहर बन जाता है, जो हृदय और गुर्दा समेत शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर मौत का कारण भी बनता है। तेल को बार-बार गर्म करने से इसमें पका सामान जहर से कम नहीं होता। 

पटना की हर खाने की दुकान है निशाने पर
तेल में केमिकल के मिलावट की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम शहर के सभी होटलों व खाद्य पदार्थों की दुकानों की जांच के लिए जुट गई है। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि टीम बनाई जा रही है जिससे शहर में बड़ा अभियान चलाया जा सके। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वृहद अभियान बहुत जल्द शुरू होगा जो हर दुकान तक पहुंचेगा। 

खाद्य तेलों में ट्रांस-फैट की मिलावट की सूचना है। एफएसएसएआई के निर्देश पर पटना में छापेमारी कर नमूना लेने के लिए टीम गठित की जा रही है। हर होटल व खाने-पीने की दुकान की जांच होगी।    
- अजय कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी

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