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23 जनवरी, 2020|10:32|IST

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निर्भया को इंसाफ: चारों हैवानों का डेथ वॉरंट जारी, 22 को फांसी

the four convicts  along with 2 others  sexually and physically assaulted the physiotherapy student

सात साल पहले दिल दहला देने वाले निर्भया कांड में इंसाफ हो गया है। इस हैवानियत के दोषियों को फांसी की सजा का दिन मुकर्रर कर दिया गया है। जिस इंसाफ का पूरे देश को इंतजार था, कोर्ट की तरफ से वही फैसला सुनाया गया है। निर्भया के चारों गुनहगारों को 22 जनवरी 2020 को सुबह सात बजे फांसी दी जाएगी। 

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप के सभी चार दोषियों को फांसी की सजा का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट ने सभी चार दोषियों पवन गुप्ता, मुकेश सिंह, अक्षय ठाकुर और विनय शर्मा को 22 जनवरी को फांसी पर लटकाने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने चारों दोषियों के लिए डेथ वॉरंट जारी कर दिया है। कोर्ट ने 22 जनवरी की सुबह सात बजे दोषियों को फांसी पर लटकाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने चारों दोषियों को अपना कानूनी उपचार हासिल करने के लिए 14 दिनों का समय दिया है। इस दौरान दोषी अपने परिवार से भी मिल सकेंगे। ये तिहाड़ जेल में 12वीं फांसी होगी। पीड़िता के माता-पिता ने अपनी अर्जी में चारों दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी करने की मांग की थी। दोषियों की कोई भी अपील अब लंबित नहीं है। वहीं दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा है कि वो इस मामले पर क्यूरेटिव पेटिशन दाखिल करेंगे।

वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी 
डेथ वारंट जारी करने से पहले चारों दोषियों की न्यायाधीश अरोड़ा के समक्ष वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए पेशी की गई। साकेत कोर्ट ने 13 सितंबर  2013 को इन चारों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी।

दोषी अक्षय ने जेल प्रशासन पर लगाए थे गंभीर आरोप 
सुनवाई के दौरान दोषी अक्षय ने कहा कि उसे कुछ कहना है। कोर्ट की इजाजत के बाद अक्षय ने कहा कि हमारे बारे में गलत खबरें दी जा रही हैं। दोषी अक्षय ने जेल प्रशासन पर मीडिया में खबरें लीक करने का आरोप लगाया। सुनवाई के दौरान केस से जुड़े लोगों को ही कोर्ट में रहने की इजाजत दी गई है। कोर्ट रूम से मीडिया को बाहर कर दिया गया। 

जानिए निर्भया के गुनहगारों को
1- राम सिंह-मुख्य आरोपी। गैंगरेप के बाद निर्भया को लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा था। मार्च 2013 में खुदखुशी कर ली। 
2- मुकेश सिंह- बस का क्लीनर व राम सिंह का भाई। रेप के बाद इसने भी निर्भया और उसके  दोस्त को बुरी तरह पीटा था।
3- विनय शर्मा- मुकेश का दोस्त। रेप के समय बस चला रहा था।
4- पवन गुप्ता- घटना के समय बस में मौजूद था।
5- अक्षय ठाकुर- राम सिंह का दोस्त। मूलत: बिहार से।
6- नाबालिग दोषी- उत्तर प्रदेश के बदायूं का निवासी। निर्भया को बस में चढ़ने का आग्रह करने वाला। तीन साल की कैद पूरी करने के बाद 2015 में रिहा। 

एक नजर में घटनाक्रम
06 दिसंबर 2012 पीड़िता के साथ हैवानियत। देर रात वह दोस्त के साथ सड़क पर पड़ी मिली।
29 दिसंबर 2012 सिंगापुर में पीड़िता की मौत। पूरे देश में प्रदर्शन।
11 मार्च 2013 मुख्य आरोपी राम सिंह तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका पाया गया।
08 जुलाई 2013 फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई पूरी। नाबालिग अपराधी को 3 साल के लिए सुधारगृह का आदेश।
10 सितंबर 2013 कोर्ट ने अन्य चार वयस्कों को अपराधी माना व तीन दिन बाद उन्हें फांसी की सजा सुनाई। 
13 मार्च 2014 दिल्ली उच्च न्यायालय में फांसी की सजा बरकरार।
15 मार्च 2014 उच्चतम न्यायालय ने आरोपी मुकेश व पवन गुप्ता की फांसी पर रोक लगाई।
०2 जून 2014 विनय शर्मा व अक्षय ठाकुर की अपील उच्चतम न्यायालय में स्वीकार।
16 दिसंबर 2015 अवयस्क आरोपी रिहा।
०5 मई 2017 सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा बरकरार रखी।
०9 जुलाई 2018 सुप्रीम कोर्ट में तीन दोषियों की समीक्षा याचिका खारिज।
18 दिसंबर 2019 अक्षय की पुनर्विचार याचिका भी खारिज। 

निर्भया की मां और दोषी की मां में बहस 
एक टीवी रिपोर्ट कि मुताबिक निर्भया गैंगरेप मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में निर्भया की मां और दोषी मुकेश की मां के बीच बहस हुई। निर्भया की मां ने दोषियों को जल्द फांसी देने की मांग की। मुकेश की मां ने रोते हुए कहा कि मैं भी मां हूं, मेरी चिंताओं को देखा जाना चाहिए। इस पर निर्भया की मां ने रोते हुए कहा कि मैं भी एक मां हूं। इसके बाद जज ने दोनों को चुप रहने को कहा। दोषी मुकेश की मां ने कोर्ट रूम में रोते हुए कहा कि जज साहब दया करो हम पर, मेरे लाल का क्या होगा। इसके बाद निर्भया की मां भी रोने लगीं। उन्होंने कहा कि मैं भी एक मां हूं। 

अभी बचे हैं 2 विकल्प
अगले 14 दिन में दोषी चाहें तो सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पेटिशन दाखिल कर सकते हैं। अगर सुप्रीम कोर्ट क्यूरेटिव पेटिशन पर फैसला लेने में समय लगाता है या उस पर खुली अदालत में सुनवाई को तैयार होता है तो डेथ वॉरंट पर रोक लग सकती है। दोषियों के पास राष्ट्रपति के सामने दया याचिका दाखिल करने का भी विकल्प है। अगर इस 14 दिन में दया याचिका पर राष्ट्रपति फैसला नहीं लेते, तब भी डेथ वॉरंट पर रोक लग सकती है। 

मेरी बेटी की आत्मा को सुकून मिलेगा।  न्याय में इतनी देर नहीं होनी चाहिए। समाज में गलत संदेश जाता है, अपराधियों में डर और खौफ खत्म हो जाता है। मैं यही चाहती हूं कि ऐसे जो भी केस हों, उनमें जल्दी से ट्रायल हो और जल्दी फैसला आ जाए। 
- निर्भया की मां

मैं कोर्ट के फैसले से खुश हूं। इस फैसले से ऐसे अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियों के मन में डर पैदा होगा। 
- निर्भया के पिता

मुझे उम्मीद है कि महिलाओं के साथ बदसलूकी करने वाले लोगों को इससे सबक मिलेगा कि वे बच नहीं सकते।
-अरविंद केजरीवाल, सीएम दिल्ली

हम सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटिशन दायर करेंगे। एक या दो दिन में हम इसे कर लेंगे। इस केस में शुरुआत से ही मीडिया और पब्लिक प्रेशर काम कर रहा था। इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो सकी।
- दोषियों के वकील   

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  • Web Title:Death Warrant issued Four men who raped Delhi girl in 2012 to be hanged on 22 January