Bleeding from gums is sign of pyorrhea - मसूढ़ों से खून आना पायरिया का संकेत DA Image
14 दिसंबर, 2019|5:46|IST

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मसूढ़ों से खून आना पायरिया का संकेत

मसूढ़ों से खून आने की समस्या को लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो सावधान हो जाएं। डॉक्टर बताते हैं कि इस समस्या पर नजर रखें और कुछ बातों पर ध्यान देने के बाद डॉक्टर को जरूर दिखाएं, ताकि समय पर सही उपचार हो सके।

मसूढ़ों से खून आना एक मेडिकल कंडीशन है। ऐसी स्थिति में मसूढ़ों में सूजन हो जाती है और ब्रश करने के दौरान अकसर  मसूढ़ों से खून आ जाता है, जो मुंह में गंदगी के कारण होता है। अगर ब्रश करने के दौरान आपके मसूढ़ों से खून आता है, तो इस परेशानी को नजरअंदाज न करें। आमतौर पर हम मसूढ़ों की इस समस्या को सामान्य समझ कर हल्के में लेते हैं, जो बाद में खतरनाक साबित होती है। मसूढ़ों से खून निकलने पर पीड़ित व्यक्ति पायरिया से ग्रसित हो जाता है और इससे धीरे-धीरे दांत की हड्िडयां गलने लगती हैं।

अगर पायरिया हो जाए
पायरिया दांतों का वह रोग है, जो दांतों के साथ मसूढ़ों को भी प्रभावित करता है। दांतों की ठीक से सफाई नहीं करने, जब-तब खाते रहने की आदत के कारण दातों में पायरिया हो जाता है। मसूढ़ों से खून और मवाद आना, सांसों से बदबू आना, दांतों में दर्द होना और दांतों का पीला पड़ना पायरिया के लक्षण हैं। पायरिया का सही समय पर इलाज करना बेहद जरूरी है अन्यथा बाद में ये बड़ी समस्या बन जाती है। कुछ समय बाद दांत गिरने शुरू हो जाते हैं।

क्या हैं कारण
मसूढ़ों से खून आने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे 
- दांतों को ब्रश से तेजी से रगड़ना।
- मसूढ़ों में चोट लगना। ’ बैक्टीरिया लगना।
- हार्मोन में उतार-चढ़ाव।
- विटामिन सी और विटामिन डी की कमी।

क्या हैं लक्षण
- मसूढ़ों में सूजन और लाली। ’ दांतों के बीच खाली जगह।
- सांस में बदबू। ’ दांतों का हिलना।
- मसूढ़ों और दांतों में पस का जमा होना।
- दांतों और मसूढ़ों से खून आना।

क्या है इलाज
इसका इलाज घर पर संभव है। इस समस्या से निजात पाने के लिए नियमित रूप से दांतों की सफाई करें। रात को सोने से पहले ब्रश अवश्य करें। रात में ब्रश करने के बाद कुछ न खाएं। सरसों के तेल में नमक मिलाकर उसे रोजाना दांतों पर अच्छी तरह से मलें। नींबू के रस का इस्तेमाल करें। नींबू को इसके एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों के कारण इस्तेमाल किया जाता है। इसके एंटीबैक्टीरियल गुण के कारण दांतों में संक्रमण नहीं होता और इसके एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से मसूढ़ों में सूजन की समस्या नहीं होती। जामुन की छाल का काढ़ा बनाकर रख लें और खाने के बाद कुल्ला करने के वक्त उसका इस्तेमाल करें। आप जितनी ज्यादा बार कुल्ला कर सकते हैं, उतनी बार करें। हफ्ते में कम-से-कम तीन दिन नीम दातून का इस्तेमाल करें। नीम का तेल भी पायरिया में लाभदायक साबित होता है। प्रतिदिन नीम के तेल को दांतों पर दो मिनट के लिए लगाकर रखें और फिर पानी से धो दें। शुरू में घर पर ही मसूढ़ों पर ध्यान देकर समस्या से निजात पा सकते हैं। समस्या बढ़ जाने पर किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद जरूरी हो जाता है। 

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