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भारतीय वायुसेना को मिला अचूक शक्ति वाला ‘अपाचे’

भारतीय वायुसेना के बेड़े में अपाचे गार्जियन हेलीकॉप्टर शामिल होने के बाद उसकी ताकत में और वृद्धि होगी। अमेरिका के अलावा कई देश अपाचे हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करते हैं। यह हेलीकॉप्टर इजरायल, मिस्र और नीदरलैंड की सेनाओं के पास भी है। अमेरिका ने अपाचे हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल पनामा से लेकर अफगानिस्तान और इराक तक में किया है। यह हेलीकॉप्टर एक साथ कई तरह के काम करने में सक्षम हैं। 

अमेरिका के खास प्रोग्राम के तहत बनाया गया 
इस हेलीकॉप्टर को अमेरिकी सेना के एडवांस अटैक हेलीकॉप्टर प्रोग्राम के  लिए बनाया गया था। इसने पहली उड़ान साल 1975 में भरी थी। इसे साल 1986 में अमेरिकी सेना में शामिल किया गया था। यह विश्व में सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला अटैक हेलीकॉप्टर है। गौर करने वाली बात यह है कि भारत की जरूरत के मुताबिक इस हेलीकॉप्टर में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इसमें लगीं अचूक मिसाइलें और रॉकेट जमीन पर मौजूद दुश्मनों की फौज व सैन्य दस्तों को तबाह करने की क्षमता रखते हैं। 

दो हजार से अधिक अपाचे की बिक्री 
जनवरी, 1984 में बोइंग कंपनी ने अमेरिकी फौज को पहला अपाचे हेलीकॉप्टर सौंपा था। तब इस मॉडल का नाम था एच-64ए। तब से लेकर अब तक बोइंग 2,200 से ज्यादा अपाचे हेलीकॉप्टर बेच चुकी है। भारत से पहले इस कंपनी ने अमेरिकी फौज के जरिये मिस्र, ग्रीस, इंडोनेशिया, इजरायल, जापान, कुवैत, नीदरलैंड, कतर, सऊदी अरब और सिंगापुर को अपाचे हेलीकॉप्टर बेचे हैं।

साल 2015 में हुआ था समझौता 
भारतीय वायुसेना ने सितंबर 2015 में 22 अपाचे हेलीकॉप्टरों के लिए अमेरिका सरकार और बोइंग लिमिटेड के साथ अरबों डॉलर के सौदे पर हस्ताक्षर किए थे। इन हेलीकॉप्टरों की पहली खेप जुलाई 2019 तक भारत भेजे जाने का कार्यक्रम है। 

अपाचे हेलीकॉप्टर की खूबियां 
बोइंग एएच-64 ई अपाचे को विश्व का सबसे ताकतवर ओर खतरनाक हेलीकॉप्टर माना जाता है
इस हेलीकॉप्टर में सटीक मार करने तथा जमीन से उत्पन्न खतरों के बीच प्रतिकूल हवाईक्षेत्र में परिचालित होने की क्षमता है
हेलीकॉप्टर के दोनों ओर 30 एमएम की दो गन लगी हैं
यह हेलीकॉप्टर लगभग 293 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है
इस हेलीकॉप्टर में चालक दल के दो सदस्य होते हैं
यह हेलिकॉप्टर लगभग 21,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है
इस हेलीकॉप्टर को रडार से पकड़ना बहुत ही मुश्किल है
इस हेलीकॉप्टर के नीचे लगी राइफल में एक बार में 30 एमएम की 1,200 गोलियां भरी जा सकती हैं

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  • Web Title:Indian Air Force got perfect power of Apache