If child is afraid of stranger then help him - बच्चा अजनबी से डरता है तो करें उसकी मदद DA Image

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बच्चा अजनबी से डरता है तो करें उसकी मदद

मनोवैज्ञानिकों की माने तो यदि बच्चा दिन भर में घर के ही दो या तीन सदस्यों से मिलता है तो अजनबी को देखकर उसका डरना, बेचैन होना, डरकर पेरेंट्स के पीछे छिप जाना या उन्हें पकड़ लेना बेहद स्वाभाविक है। यदि आप हमेशा बच्चे को घर में ही रखती हैं, उसे कहीं बाहर घुमाने नहीं लेकर जाती हैं, तो भी अनजान लोगों को देखकर बच्चे का डरना लाजिमी है। वह किसी अजनबी से बात करने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं है, इसलिए वह विरोध करता है। अगर आपके बच्चे में भी ऐसे लक्षण हैं तो इस दौर से बाहर निकालने में आप उसकी मदद कर सकती हैं।

बच्चे को सहज महसूस करवाएं
सबसे पहले इस बात को समझें कि सात-आठ माह से  लेकर एक साल तक के बच्चे द्वारा ऐसा व्यवहार करना बिल्कुल सहज है। अगर इससे बड़ा बच्चा अजनबियों को देखकर डरता है तो उसका यह व्यवहार चिंताजनक है। बच्चे को अजनबी से मिलने में सहज करने के लिए उसे घर, स्कूल व पार्क में अपने दोस्तों से मिलवाएं, उनसे बात करना सिखाएं। पर, दबाव डालकर उसे किसी के पास भेजने की गलती न करें। बच्चे को सहज होने के लिए कुछ समय दें और किसी भी नये व्यक्ति से मिलवाते समय आप उसके आस-पास ही रहें। बच्चे को अकसर सार्वजनिक जगहों पर लेकर जाएं। उसे एक साथ ढेर सारे लोगों से मिलने का मौका मिलेगा। ऐसा करने से धीरे-धीरे उसके मन से अजनबी से मिलने का डर निकल जाएगा।

डॉक्टर की मदद लें
कभी-कभी मन में बहुत ज्यादा डर की भावना होने की वजह से बच्चे में सोशल एंग्जाइटी यानी अनजान लोगों से घुलने-मिलने को लेकर एक डर व बेचैनी घर कर जाती है। ऐसी स्थिति में तुरंत मनोचिकित्सक से परामर्श लें। मनोचिकित्सक बिहेवियरल थेरेपी की मदद से बच्चे की परेशानी दूर कर सकते हैं।

उनकी संवेदनशीलता को समझें
अपने बच्चे के डर को नजरअंदाज न करें। यदि आपका बच्चा किसी नए व्यक्ति के सामने तुरंत सहज नहीं हो पाता है तो नए व्यक्ति से घुलने-मिलने के लिए उस पर दबाव नहीं बनाएं। उसे बार-बार यह न कहें कि शर्माओ नहीं, बात करो या जाकर उनके साथ खेलो। बच्चा अगर किसी नए व्यक्ति के सामने असहज हो रहा है तो उसे गले लगाएं या गोद में लेकर उस व्यक्ति के सामने से हट जाएं, जिसकी उपस्थिति में वह असहज हो रहा है। बच्चे को यह विश्वास दिलाएं कि आप नाराज नहीं हैं।

बच्चे को पहले से तैयार करें
बच्चे को अचानक किसी नए व्यक्ति से न मिलवाएं। बच्चे को मानसिक रूप से पहले से ही तैयार करें कि आप उसे किसी नए व्यक्ति से मिलवाने वाली हैं। उसे यह समझाएं कि आने वाला मेहमान मेरा करीबी है और वो आपसे भी दोस्ती करना चाहते हैं। अपने दोस्तों को भी बच्चे की परेशानी पहले से समझा दें। जिस प्रकार आप बच्चे को समझाती हैं, उसी प्रकार मेहमानों को भी समझा दें कि आपका बच्चा अचानक किसी से मिलने पर परेशान हो जाता है, इसलिए जबरदस्ती गोद में न लें। 

धैर्य बनाए रखें
बच्चे के साथ डील करते वक्त धैर्य बनाए रखना बहुत जरूरी है। उसका डर एक दिन में खत्म नहीं होगा। अगर आप बच्चे पर दबाव डालेंगी तो इसका उस पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता हैं। इसकी जगह खेल-खेल में उसे अजनबी लोगों का सामना करना सिखाएं। बच्चे के साथ कोई खेल खेलें और खेल में कभी खुद तो कभी बच्चे को अजनबी की भूमिका निभाने को कहें। उसे यह सिखाएं कि किसी अजनबी व्यक्ति से उसे कैसे मिलना है और यदि कोई अजनबी जबर्दस्ती प्यार करे या उसे गोद में उठाए तो उस समय उसे क्या करना है। ऐसा करने से आपके बच्चे का ध्यान परिस्थिति के अनुसार व्यवहार करने पर जाएगा और उसके मन से अजनबियों के प्रति किसी भी प्रकार का डर निकल जाएगा।

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