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सावधान : कैमरा, स्क्रीन और माइक रखते हैं आप पर नजर

इस दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं, जो स्मार्टफोन को हमेशा अपने साथ रखते हैं। लेकिन क्या वे जानते हैं कि वह एक जासूस की भी निगरानी में हो सकते हैं, जो कभी भी उनकी संवेदनशील जानकारी पर सेंध लगा सकता है। यह सेंधमारी स्क्रीन, कैमरा और माइक के माध्यम से संभव है। आइए जानते हैं उनके बारे में। 

इस साल के फरवरी महीने की शुरुआत में कुछ ‘एप्पल फेसटाइम’ एप यूजर को बग के कारण वीडियो कॉलिंग में परेशानी का सामना करना पड़ा था। ‘एप्पल फेसटाइम’ एप ने कॉलर के माध्यम से माइक्रोफोन एक्सेस करने की जानकारी ले ली थी। इस परमिशन से एप कॉलिंग बंद होने के बाद भी कुछ समय तक माइक्रोफोन को ऑन रखकर यूजर की वॉयस रिकॉर्ड कर लेता था। एप्पल कंपनी को जैसे ही इसकी भनक लगी तो उसने तुरंत नया अपडेट जारी किया और उस बग को ही हटा दिया। 

कैमरा 
कैमरा न सिर्फ फोन के लिए अहम है बल्कि यह लोगों के लिए बेहद ही जरूरी फीचर बन चुका है। यह न सिर्फ फोटो क्लिक करने के काम आता है बल्कि इससे डॉक्यूमेंट स्कैनिंग, बैकिंग कार्ड की भी फोटो क्लिक की जाती हैं। ऐसे में हैकरों की नजर कैमरे पर अत्याधिक रहती है। यहां तक कि साइबर क्रिमिनल लैपटॉप के वेबकैम को भी हैक कर लेते हैं। इसके लिए वह रिमोट एक्सेस ट्रोजन (आरएटी) की मदद लेते हैं। इससे हैकर को लैपटॉप पर पूरी तरह से अधिकार प्राप्त हो जाता है। ऐसे में वह लैपटॉप को ऑन करने के साथ-साथ उसके वेबकैम को भी इस्तेमाल कर सकता है। 

माइक्रोफोन 
बोस्टन की नॉर्थ ईस्टर्न यूनिवर्सिटी द्वारा साल 2018 में किए गए सर्वे में बताया गया है कि गूगल प्लेस्टोर और एप स्टोर पर सैकड़ों एप ऐसे पाए गए, जो माइक्रोफोन का एक्सेस लेकर यूजर की बातें सुना करते थे और उन्हें आगे जाकर एक फर्म को बेचते थे। ये फर्म आवाज रिकॉर्डिंग का विश्लेषण करने के बाद उससे जरूरी जानकारी हासिल करती थी। इससे वह टीवी और विज्ञापन की आवाज सुनते थे और उनकी संबंधित एजेंसियों को इस बात की जानकारी देते थे। 

स्क्रीन रिकॉर्डिंग 
एजेंसियों को इस बात की जानकारी देते थे। यहां तक कि  एप उस बात की भी जानकारी रखता था कि आप स्थानीय बाजार में कितने बार गए हैं। स्क्रीन रिकॉर्डिंग की मदद से हैकर बैंक संबंधी जानकारी, एप चलाने की जानकारी, बैंक से आने वाले ओटीपी आदि की जानकारी लीक कर सकते हैं। बताते चलें कि कुछ यूजर स्क्रीन रिकॉर्डिंग एप की मदद से फोन डिस्प्ले पर होने वाली एक्टिविटी पर नजर रखते हैं। 

ऐसे रोकें एप की ताक-झांक
एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम चलाने वाले यूजर की सुरक्षा के मद्देनजर गूगल ने कुछ सख्त फैसले लिए हैं। इन फैसलों की बदौलत अब एप बिना परमिशन आपकी स्क्रीन, माइक, लोकेशन और कैमरा का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। ऐसे में जब एप को गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड किया जाता है तो वह जल्दबाजी में कुछ गैर जरूरी फीचर का एक्सेस मांग लेते हैं। ऐसे में एप की परमिशन का रिव्यू एक बार जरूर कर लें। 

एंड्रॉयड स्मार्टफोन 
एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस)  वाले फोन यूजर अपनी प्राइवेसी को बरकरार रखने के लिए सबसे पहले फोन की सेटिंग में जाएं। फोन की सेटिंग में जाने के बाद एप्लीकेशन/एप/एप एंड नोटिफिकेशन पर जाएं। कई फोन में यह विकल्प अलग-अलग जगह पर हो सकता है।

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