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पुलिस-परिवार की खामोशी के बीच मिले तलाक के कागजात!

शहर के बड़े कारोबारी निशांत सर्राफ की मौत के मामले में बुधवार को पुलिस दिनभर छानबीन में जुटी रही।  निशांत के कमरे को बारीकी से खंगाला गया। लैपटॉप और मोबाइल को भी जब्त कर आत्महत्या के कारण ढूढ़े जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस को निशांत के कमरे से तलाक का प्रोफार्मा भी मिला है। इसमें नीचे निशांत के हस्ताक्षर है, बाकी पूरा आवेदन खाली है। 

इसके अलावा एक और सुसाइड नोट मिलने की बात सामने आ रही है। जिसमें लिखा है कि पापा मैंने 12 लाख रुपए कर्ज लिया था, व्यस्तता के कारण चुका नहीं पाया। आप उसे सूद समेत पैसा वापस कर दीजिएगा। हालांकि पुलिस इन सभी मामलों में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। वहीं दूसरी तरफ किदवईपुरी स्थित बंगला भी अंदर से दिन भर बंद रहा। सिर्फ जांच अधिकारी और रिश्तेदारों को ही घर के अंदर जाने दिया गया। खामोशी और सिसकियों में बीच कई सवाल भी उठ रहे है, जिसका जवाब पुलिस रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएगा। 

यह है मामला
बीते मंगलवार की सुबह नौ बजे किदवईपुरी स्थित घर से व्यवसायी निशांत सर्राफ, उनकी पत्नी और बच्ची की गोली लगी लाश मिली थी। उनका बेटा घायल अवस्था में बेड पर पड़ा था। उसे भी गोली लगी थी। पटना के बड़े कारोबारी निशांत और उनके परिवार की मौत की खबर सुनते ही पटना पुलिस महकमे के बड़े अफसर मौके पर पहुंच गये। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इस घटना को आत्महत्या करार दिया। पुलिस अफसरों की मानें तो व्यवसायी ने सोमवार की देर रात अपनी लाइसेंसी पिस्टल से पत्नी और दो बच्चों को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली से उड़ा लिया था। पुलिस को मौके से चार खोखे और तीन जिंदा गोलियों के अलावा व्यवसायी का लाइसेंसी पिस्टल मिला था। 

सांसों से लड़ रहा है इशांत
जिस गोली ने इशांत के माता-पिता और बहन की जान ले ली, वह उससे जीतकर आज अपनी सांसों से लड़ रहा है। चार वर्षीय इशांत राजाबाजार के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में पिछले 36 घंटे से जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि अभी भी हालत चिंताजनक है। इशांत की मेडिकल जांच में यह बात सामने आई है कि उसके सिर में लगी गोली आर—पार हो गई थी। घटना के कई घंटे बाद तक उसके सिर से खून बहता रहा। वह दर्द से तड़पता रहा लेकिन हारा नहीं। 

ये तीन बातें खोलेंगी राज
पुलिस निशांत के मामले की जांच आत्महत्या की दिशा में ही कर रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस अब सिर्फ दो ही सवाल का जवाब ढूढ़ रही है कि आखिर निशांत ने आत्महत्या क्यों की? अगर उसे खुद को खत्म ही करना था तो पहले अपने खुशहाल परिवार को खत्म क्यों किया? इन सभी सवालों के राज खोलेंगे ये तीन सामान-

1- टैब और मोबाइल के कॉल डिटेल
पुलिस ने निशांत और उसकी पत्नी के मोबाइल की कॉल डिटेल की जांच कर रही है। इससे पति-पत्नी के बीच के रिश्ते कैसे थे, इसे जानने की कोशिश की जा रही है। अफवाहों के बीच कॉल डिटेल ही रिश्तों का सच बताएगी।

2- सुसाइड नोट
निशांत के सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग जांच करवाई जा रही है। निशांत ने अपने सुसाइड नोट में 10 जून लिखा था, जबकि आत्महत्या 11 जून को की। सुसाइड नोट निशांत का ही लिखा है, यह आत्महत्या और हत्या की पहेली को सुलाझएगा।

3- पोस्टमार्टम रिपोर्ट
तीनों की मौत कब और कैसे हुई, इसकी सच्चाई पोस्टमार्टम  रिपोर्ट से ही पता चलेगी। इसके अलावा तीनों के मौत में समय का कितना अंतर रहा? कितनी दूरी से गोली चली होगी? ऐसे कई सवालों के जवाब इसी रिपोर्ट से मिलेंगे।

दुकान में लगा रहा ताला
बुधवार को अशोक सर्राफ के सभी प्रतिष्ठान बंद रहे। नाला रोड स्थत टीबी जेड, खेतान मार्केट में स्थित श्री धोली सती टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड, ज्वेलरी शॉप पर मंगलवार से ही ताला लगा हुआ है। आस पास की दुकान वालों से जब यह पूछा गया कि ये दुकानें कब खुलेंगी तो इसका किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि पारिवारिक सूत्रों की मानें तो आज यानी गुरुवार से सभी प्रतिष्ठान खुल सकते हैं। 

खाना खाने के पांच घंटे बाद हुई है घटना
बुधवार को निशांत, अलका और अनन्या की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि खाना खाने के लगभग पांच घंटे बाद गोली मारी गई है। हालांकि कोई भी पुलिस अधिकारी इस बात की पुष्टि नहीं कर रहा है।

कुछ भी नहीं मिला मोबाइल में मिटा दिए गए थे सारे रिकॉर्ड 
निशांत के मोबाइल को पुलिस ने कब्जे में लिया तो चौंकाने वाली बात सामने आई। मोबाइल को खंगालने के बाद भी कुछ नहीं मिला। वाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया एप अनइंस्टाल कर दिए गए थे। मोबाइल को फार्मेट कर दिया गया था, जिससे सारे रिकॉर्ड खत्म हो गए। हालांकि पुलिस डाटा को रिकवर करवाने में जुटी है।

पुलिस ने की पूछताछ, लेकिन कुछ नहीं लगा हाथ
बुधवार को डीएसपी डॉ. राकेश कुमार अशोक सर्राफ के घर पहुंचे। वहां उन्होंने रिश्तेदारों से पूछताछ की। जांच करने के लिए डीएसपी का कहना था कि अभी तक आत्महत्या को ही अहम कारण मानकर पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने से पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

संयुक्त परिवार में कायम है अशोक का प्रभाव
चार भाइयों के संयुक्त परिवार में नामी कारोबारी अशोक सर्राफ का ही प्रभाव कायम है। यही वजह है कि चारों भाइयों का परिवार एक ही साथ रहता है व खाना भी एक ही कोठी में खाता है। पारिवारिक सूत्रों की मानें तो अशोक सर्राफ के ही चलते चारों भाइयों में अभी तक संपत्ति व कारोबार का बंटवारा नहीं हुआ है। नाते—रिश्तेदारों के यहां कोई आयोजन होने पर अशोक सर्राफ सबसे पहले पहुंचते हैं और सभी इंतजाम अपनी देखरेख में कराते हैं। छोटे भाई किशोर सर्राफ, मुन्ना सर्राफ व पप्पू सर्राफ ही नहीं अपितु परिवार का हर कोई सदस्य अशोक सर्राफ की बातों को मानता है। यही वजह रही है कि चार भाइयों का संयुक्त परिवार साथ—साथ रहने व एक साथ सुबह और शाम में चाय—नाश्ता व खाना खाने के आदी हैं।

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  • Web Title:Triple Murder Case in Patna Divorce papers find between police and familys silence