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डॉयल-100 पर एक लाख कॉल में 500 ही निकलते हैं सही

डॉयल-100 पर एक लाख फोन कॉल आते हैं, लेकिन मात्र 500 शिकायतें ही सही पाई जाती हैं। यह आंकड़ा पूरे बिहार से आने वाले कॉल का है। हास्यास्पद तो यह हैं कि अधिकतर कॉल तो ऐसे आते हैं, जो बस मजाक-मजाक में नंबर मिला दिए जाते हैं। कभी कोई बच्चा तो कभी बड़े बेहिचक नंबर मिला लेते हैं। शिकायत के नाम पर उनके पास कुछ नहीं होता। बेवजह आने वाले ऐसे कॉल ने खाकी को परेशान करके रख दिया है। समस्या तो यहां भी है कि डॉयल-100 पर आने वाले कॉल को ट्रेस भी नहीं किया जा सकता। इसकी वजह कॉलर आईडी का नहीं होना है।

पटना में प्रदेश के कोने-कोने से आते हैं फोन
डॉयल 100 को तत्काल मदद के लिए बनाया गया है। कोई भी पीड़ित 100 नंबर डॉयल कर पुलिस की मदद ले सकता है। लोगों को तत्काल मदद मिले इसे लेकर पटना में आधुनिक सेंटर बनाया गया है जिसमें एक साथ एक सौ लोगों के कॉल करने की सुविधा है। कॉल सेंटर में तैनात पुलिस कर्मी बिना देर किए कॉल रिसीव करते हैं और मदद के लिए प्रयास करते हैं। 

112 में भी फेक कॉल 
कभी भी आपात स्थिति में 112 नंबर डॉयल कर पीड़ित मदद ले सकते हैं। किसी भी मोबाइल में क्विक डॉयल में आपात स्थिति में मदद के लिए विकल्प होता है। लेकिन इस नंबर से अधिकतर झूठी कॉल आती है। पुलिस कर्मियों को तो हर कॉल अटेंड करनी होती है, क्योंकि कोई भी मुसीबत में फंस सकता है। लेकिन डॉयल 100 और 112 दोनों ही का हाल एक जैसा है। पुलिस सूत्रों की माने तो बच्चों से लेकर बड़े तक झूठी कॉल करते हैं।

डायल 100 में नहीं है कॉलर आईडी 
डायल 100 में कॉलर आईडी नहीं है। इस कारण से फोन करने वालों का कोई पता नहीं चल पाता है। गलत फोन करने वाले पर कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन कॉलर आईडी के नहीं होने से कार्रवाई कैसे हो यह सवाल खड़ा हो जाता है। डायल 100 में कॉलर आईडी नहीं होने से इसकी जानकारी भी नहीं हो पाती है। पुलिस कर्मियों का कहना है कि अक्सर लोग ट्रायल में ही फोन कर देते है। 

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  • Web Title:Only 500 out of a million calls on dial 100 are correct in Patna