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मौसम और रोजेदार एक दूसरे को देंगे चुनौती


खुदा जब अपने बंदे से कड़ा इम्तिहान लेता है तो उसे एक शब्द में रोजा कहते हैं। प्यास लगी है, कोई देख भी नहीं रहा है, फिर भी हलक में एक बूंद पानी नहीं जाने देते, यह सोच कर कि मेरा खुदा तो सब कुछ देख रहा है। दुनिया की एक से बढ़कर एक लजीज चीज सामने रखी है, जी ललचा भी रहा है, पर नजर फेर लेते हैं। जान पर भी बन आये लेकिन संकल्प टूटने नहीं देते। तल्ख मौसम और रोजेदारों के जुनून के बीच बीच इस बार टकराहट होगी। जी हां, 41 डिग्री तापमान में 14 घंटे 43 मिनट का इस बार पहला रोजा होगा।

इमारत-ए-शरिया फुलवारीशरीफ ने जारी किया कैलेंडर 
इमारत-ए-शरिया फुलवारीशरीफ की ओर से जारी रमजान के कैलेंडर के हिसाब से इस बार पहला रोजा 6 मई से शुरू हो रहा है, जोकि 3:41 सुबह से 6:24 शाम तक यानी कुल 14 घंटे 43 मिनट का होगा। वहीं पिछले साल 3:23 बजे अहले सुबह से 6:30 शाम तक यानी 15 घंटा 7 मिनट का पहला रोजा था। इसबार भले ही थोड़ा कम अंतराल हो पर धूप जिस सीमा पर पहुंच गई है, वह बर्दाश्त से बाहर की है। रमजान की शुरुआत चांद पर निर्भर करती है। जामा मस्जिद हाईकोर्ट मजार शरीफ के इमाम-ओ-खतीब मौलाना मोहम्मद अजमतुल्लाह  रहमानी के अनुसार अगर 29 तारीख का चांद हुआ तो 6 मई सोमवार से रोजा शुरू होगा। वहीं अगर 30 का चांद हुआ तो 7 मई मंगलवार से रमजान का पहला रोजा रखा जाएगा। धीरे-धीरे समय 1-2 मिनट बढ़ते हुए इस बार अंतिम रोजा 6:39 बजे खोला जाएगा, जो कि 15 घंटा 15 मिनट का होगा। दूरी के हिसाब से एक जगह से दूसरी जगह सेहरी और इफ्तार के समय में कुछ मिनट आगे-पीछे का अंतर हो सकता है।

पांच जून को मनाई जा सकती है ईद 
चार जून को रमजान का माह-ए-मुबारक रुख्सत हो जाएगा। 31 मई को लोग अलविदा जुमा की नमाज अदा करेंगे। चांद दिखने पर पांच जून को ईद-उल-फितर का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।

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  • Web Title:Holy month of Ramadan will start from May 6