Beware river is in spate in Patna - सावधान... गंगा नदी में है उफान DA Image

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सावधान... गंगा नदी में है उफान

विगत सालों से राजधानी के आठ प्रमुख घाटों पर मूर्ति विसर्जन होते थे। आज इन सभी घाटों पर गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। ऐसे में नदी के करीब जाना भी खतरे से खाली नहीं है।

विसर्जन वाले घाटों पर आज की स्थिति
भद्रघाट और गाय घाट: यहां नदी ऊपरी छोर को छू रही है। पिछले एक महीने से यहां गंगा स्नान पर रोक है। पानी जाने के बाद सीधे 20 फीट की गहराई है। 

खाजेकलां घाट: पटना सिटी के इलाकों की मूर्तियां यहीं आती हैं। यहां भी गंगा का पानी पूरा लबालब है। नदी में उतरना किसी के बस की बात नहीं। 

कालीघाट: यहां भी गंगा का पानी रिवर फ्रंट पर पहुंच चुका है। यहां बांस से बैरिकेडिंग करने की तैयारी चल रही है। नदी की धारा बेहद तेज है। 

एलसीटी और बांस घाट: एलसीटी और बांस घाट पर नदी गंगा चैनल में पूरी तरह भर चुकी है। गंगा एक्सप्रेस तक पानी लबालब है। स्लोप बहुत अधिक होने के कारण नदी में उतरना बेहद मुश्किल है।

दीघा से घाट नंबर 93: दीघा घाट पर नहर के दोनों तरफ पानी तेज बह रहा है। गहरायी का अंदाजा नहीं है। 

पूजा पंडाल समिति से बातचीत
अभी किसी प्रकार के आदेश की सूचना हमें नहीं मिली है। आदेश मिलने पर निर्णय लिया जाएगा। 
-अमित कुमार, डाकबंगला

नदी किनारे कहीं भी गंगा का पानी होगा तभी विसर्जन होगा। जानकारी अबतक नहीं दिया गया है। आदेश कॉपी जिला ऑफिस में चिपका देने से नहीं होगा। 
-रमेश कुमार सिंह, एसकेपुरी

पहले व्यवस्था हो, उसके बाद इस तरह के आदेश देने चाहिए। सिर्फ कह देने से कोई नियम नहीं बन जाता है। आदेश कॉपी अबतक नहीं मिला है। 
-शशि रंजन, श्रीकृष्णा नगर

प्रशासन का निर्देश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही बता दिया जाएगा, रूट और जगह के हिसाब से हम निर्णय लेंगे। 
-राजेश कुमार, बोरिंग रोड चौराहा

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