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18 जनवरी, 2021|9:28|IST

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हिन्दुस्तान मिशन शक्ति : लक्ष्य निर्धारित कर बढ़ाएं कदम, मिलेगी सफलता

हिन्दुस्तान मिशन शक्ति : लक्ष्य निर्धारित कर बढ़ाएं कदम, मिलेगी सफलता

कुशीनगर | हिन्दुस्तान संवाद

हिन्दुस्तान मिशन शक्ति स्कूल संवाद में गुरुवार को साहस, स्वावलंबन और स्वरोजगार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पैनलिस्टों में शामिल उत्प्रेरक और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहीं महिलाओं ने छात्राओं को लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर कदम बढ़ाते रहे। जीवन में सफलता जरूर मिलेगी। बेटियां आज किसी से भी कम नहीं है। बशर्ते आज उन्हें शिक्षित होकर समाज के लिए बेहतर करने का प्रयास करना होगा।

विशुनपुरा ब्लॉक के एनडी मॉडर्न पब्लिक स्कूल में 'हिन्दुस्तान' मिशन शक्ति स्कूल संवाद के दौरान पैनलिस्ट में शामिल समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहीं जागरूक महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। स्कूल संवाद के दौरान छात्राओं द्वारा पूछे गए सवाल का पैनलिस्ट में शामिल महिलाओं ने जवाब देकर उन्हें संतुष्ट किया। पैनलिस्ट ने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता को पास करने के लिए पढ़ाई के साथ तैयारी पर फोकस करने की जरूरत है। स्वावलंबी व सशक्त बनने के लिए शिक्षा जरूरी है। जब नारियां शिक्षित होंगी तभी अपने परिवार व समाज को सही दिशा दे पायेंगी।

ये रहे मौजूद : हिन्दुस्तान मिशन शक्ति स्कूल संवाद के दौरान प्रबंधक बृजभूषण गुप्ता, प्रधानाचार्य नंदकिशोर पांडेय, कांस्टेबल शुभम सिंह, शिक्षिका नीलू जायसवाल, आभा गुप्ता, पुष्पा शर्मा, शैलेन्द्र गुप्ता, बलिराम गुप्ता, चंद्रप्रकाश आदि मौजूद रहे।

शख्सियतों की सलाह

पुरुषों से किसी प्रकार से भी कमजोर नहीं हैं महिलाएं

आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री प्रेमदुलारी देवी ने कहा कि नारी पुरुषों से किसी प्रकार से भी कमजोर नहीं है। पुरुष एक परिवार ठीक से चला नहीं पाते हैं, लेकिन बेटियां दो परिवारों की शान होती हैं। बेटियां अपने झिझक को दूर कर स्वावलंबी बन सकती हैं। बेटियां समय से अपने घर का काम कर स्कूल में अच्छी पढ़ाई करें। मेहनत व लगन के साथ पढ़ाई करने वाली बेटियां शासन में अच्छे पदों पर पहुंच कर सेवा दे रहीं हैं।

बेटियां मेहनत से और संकल्प के साथ पढ़ें

शिक्षिका कंचन गुप्ता ने कहा कि हम पुरुषों से कहीं से भी कम नही हैं। शादी होने के बाद ससुराल में कैसी परिस्थितियां रही हों, इसे शेयर नहीं कर सकती, लेकिन काफी दिक्कतों का सामना करती रहतीं हैं। शायद मैं पढ़ी लिखी नहीं होती तो मेरे लिए इन समस्याओं से जूझना और उसका समाधान कर पाना संभव नहीं था। मेरे माता-पिता ने पढ़ाया लिखाया। आज उस शिक्षा का ही परिणाम रहा कि मैंने हमेशा संभल कर कदम बढ़ाया।

स्वावलंबी व सशक्त बनने के लिए शिक्षा जरूरी है

नेबुआ नौरंगिया थाने पर तैनात महिला कांस्टेबल माधुरी यादव ने कहा कि स्वावलंबी व सशक्त बनने के लिए शिक्षा जरूरी है। जब नारियां शिक्षित होंगी तभी अपने परिवार व समाज को सही दिशा दे पायेंगी। पढ़ाई मन से करनी चाहिए, कोरम पूर्ति के लिए नहीं। सरकार द्वारा हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है। जिस भी तरह की समस्या हो एक बार फोन करें। हम सुरक्षा तथा न्याय दिलाने के खड़े रहेंगे। 1090 एक ऐसा हेल्प लाइन नंबर है। जिस पर फोन कॉल गोपनीय रखा जाता है। महिलाएं इस नंबर पर ऐसी समस्या जो किसी से कहने में हिम्मत नहीं जुटा पाती हैं। वह उसको बेहिचक बता सकतीं हैं।

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