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29 दिसंबर, 2020|12:05|IST

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हिन्दुस्तान मिशन शक्ति : सफल महिलाओं से सीख लेकर आगे बढ़ें बेटियां

हिन्दुस्तान मिशन शक्ति : सफल महिलाओं से सीख लेकर आगे बढ़ें बेटियां

कुशीनगर | हिन्दुस्तान संवाद

'हिन्दुस्तान' मिशन शक्ति स्कूल संवाद के दूसरे चरण में गुरुवार को साहस, स्वावलंबन और स्वरोजगार पर विस्तृत चर्चा की गई। पैनल में शामिल उत्प्रेरक और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही महिलाओं ने छात्राओं को लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि बेहतर मुकाम पाने के लिए बेटियां झिझक छोड़कर आगे आएं। शिक्षा के साथ जागरूक होना भी जरूरी है। बेटियां आज देश के विभिन्न क्षेत्रों में अपने कीर्तिमान स्थापित कर रहीं हैं। धरती से लेकर आसमान तक बेटियों ने जो मुकाम हासिल किया, उससे सीख लेते हुए आपको भी आगे बढ़ना होगा।

विशुनपुरा ब्लॉक के सर्वोदय इंटरमीडिएट कॉलेज में 'हिन्दुस्तान' मिशन शक्ति स्कूल संवाद के दौरान पैनल में शामिल समाज के विभिन्न क्षेत्रों में निडर होकर काम कर रहीं जागरूक महिलाओं ने अपने अनुभव को साझा किया। छात्राओं द्वारा पूछे गए सवाल का महिलाओं ने उदाहरण के साथ न सिर्फ जवाब दिया बल्कि उनकी शंकाओं को भी दूर करने का पूरा प्रयास किया। वहीं, जटहा बाजार थाने में तैनात महिला कांस्टेबल कृति तिवारी ने बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाकर उन्हें जागरूक किया। कहा कि आत्मरक्षा के लिए सीखे गए गुर का हमेशा सही उपयोग करना चाहिए। कभी-कभी यह आत्मरक्षा के टिप्स आपस में प्रयोग करने के दौरान घातक साबित होते हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर मोहा मन

कॉलेज की छात्रा दिव्या यादव, राधिका शर्मा, तन्नू यादव, सीमा यादव, निक्की शर्मा आदि छात्राओं ने सांस्कृति कार्यक्रम को प्रस्तुत कर मौजूद सभी का मन मोह लिया। संवाद के दौरान एसओ जटहा बाजार नंदा प्रसाद, प्रधानाचार्य रिजवाना खातून, उप प्रधानाचार्य अयूब अंसारी, धर्मराज पांडेय इंटर कॉलेज के प्रबंधक बुंदल पांडेय, नियाज अंसारी, राजीव यादव, वकील, विजेंद्र, अरूण गिरी, संचालक जवाहर कुशवाहा, संध्या यादव, सीमा, सादिया, अनामिका शर्मा, राकेश गुप्ता, नित्यानंद गौतम, मनोज पाल, देवेंद्र चौहान, नंदलाल कुशवाहा, जलालुद्दीन अंसारी आदि मौजूद रहे।

शख्सियतों ने दी सलाह

अनुशासन में रहकर तैयारी करें : कृति तिवारी

पुलिस आरक्षी कृति तिवारी ने कहा बेटियां अपने झिझक को त्याग कर लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाएं। अनुशासन में रहकर अपनी तैयारियों पर जोर दें। अभी कुछ दिन बाद बोर्ड की परीक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी। इंटर की पढ़ाई के बाद चुनौतियां और बढ़ जातीं हैं। इसलिए अभी से लक्ष्य को तय कर पूरी तन्मयता के साथ तैयारी करें। सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेज आने जाने के दौरान अगर कोई शरारती तत्व परेशान करें तो हेल्पलाइन नंबर 1090, 181 का प्रयोग करें। सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाता है और पुलिस आपकी तत्काल सहायता में जुट जाती है।

मंजिल पाने के लिए अच्छी तैयारी जरूरी: गीता मल्ल

सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका गीता मल्ल ने कहा कि किसी भी मंजिल को पाने के लिए अच्छी तैयारी का होना जरूरी है। अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि एक दिन की अपनी बच्ची को लेकर भी शिक्षक की ट्रेनिंग लेने पडरौना गई थी। उस वक्त सिर्फ और सिर्फ मेरा लक्ष्य मेरे सामने था। अगर मैं बेटी और परिवार के मोह में फंस जाती तो आज क्षेत्र के तमाम बच्चों को मैं शिक्षित नहीं कर पाती। अच्छी सफलता के पीछे निष्ठा व लगन जरूरी है। कहा कि गरीबी झेलकर इस इलाके के तमाम बच्चे अच्छे मुकाम पर हैं। कोई कहीं तैयारी कर रहा है तो कोई सरकारी नौकरी में अपनी सेवा दे रहा है। कई बेटियां भी नाम रौशन कर रहीं हैं।

इन्होंने पूछे सवाल

पुलिस अफसर बनने के लिए क्या करें?

छात्रा मुस्कान खान ने पुलिस अफसर बनने को लेकर सवाल किया। इसका जवाब देते हुए पुलिस आरक्षी कृति तिवारी ने बताया कि पुलिस बनने के 12वीं पास होना जरूरी है। इसके लिए विषय की कोई वैधता नहीं होती है। परीक्षा पहले फिजिकल होता है, फिर मेडिकल व उसके बाद चयन हो जाता है। अफसर के लिए प्री मेंस परीक्षा को पास करने के बाद इंटरव्यू और मेडिकल होने के बाद चयन किया जाता है।

एमबीबीएस के लिए पूछा उपाय

छात्रा नेहा यादव ने एमबीबीएस बनने का उपाय पूछा। पैनलिस्ट में शामिल महिलाओं ने बारी-बारी से छात्रा के सवाल का जवाब दिया। पैनलिस्ट में शामिल महिलाओं ने बताया कि पहले इंटर की पढ़ाई विज्ञान विषय से करनी होती है। इसके बाद सीपीएमटी की पास करना होता है। तैयारियों का परिणाम जब पक्ष में आता है तो आसानी से दाखिला भी मिल जाता है व आगे बढ़ने के लिए तमाम संसाधन में मिलने लगते हैं।

लोगों को शिक्षा के प्रति कैसे जागरूक करें?

छात्रा रागिनी यादव ने कहा कि गांव के लोगों में आज भी यह धारणा है कि लड़कियां पढ़कर लिखकर क्या करेंगी। अक्सर इस तरह की बात सुनने को मिलती है तो काफी बुरा लगता है। लोगों को शिक्षा के प्रति कैसे जागरूक करें। सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका गीता मल्ल ने कहा कि इसकी चिंता आपको करने की जरूरत नहीं है। जिस दिन पढ़ाई के बाद कोई अच्छी नौकरी हाथ लग गई, उसी दिन बेटी नजीर बन जाएगी।

एक अच्छा वक्ता बनने को क्या करें?

कॉलेज की छात्रा साजिदा खातून ने कहा वह एक अच्छा वक्ता बनना चाहती है, लेकिन गांव के लोग कहते हैं कि वह कभी मंच पर नहीं बोल पाएगी। आखिर अच्छा वक्ता कैसे बनें। इस पर पैनलिस्ट में शामिल जागरूक महिलाओं ने खुद को उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया। अध्यापिका साजिद बेगम ने छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि एक अच्छा वक्ता बनने के लिए पहले एक अच्छा श्रोता बनना जरूरी है।

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  • Web Title:Hindustan Mission Shakti daughters should continue to learn from successful women