DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आज निर्देशकों पर रहती है सबकी नजर: अश्विनी अय्यर तिवारी

फिल्म ‘निल बटे सन्नाटा’ (2015), ‘बरेली की बर्फी’ (2017) और कंगना रनोट एवं नीना गुप्ता की आगामी फिल्म ‘पंगा’ की निर्देशक अश्विनी अय्यर तिवारी ने अपनी बेहतरीन फिल्मोग्राफी से उन लोगों को भी चौंका दिया है, जो कहते हैं कि वह बॉलीवुड के बारे में कुछ नहीं जानतीं।
वह कहती हैं, ‘मैं विज्ञापन के लिए काम करती थी, और साथ ही मैंने एक टीवी चैनल के साथ भी काम किया था। मुझे बॉलीवुड के बारे में कुछ भी नहीं पता। लेकिन मैंने फिल्में बनाना इसलिए शुरू किया, क्योंकि मैं कुछ कहानियों को बड़े पर्दे पर दिखाना चाहती थी।’

हालांकि, अश्विनी ने कहा कि वह विज्ञापन फिल्म निर्देशकों के बारे में बहुत कुछ जानती थीं। वह कहती हैं, ‘इंडस्ट्री के साथ तब मेरा काफी करीबी रिश्ता बना, जब मैंने अभिनेता अमिताभ बच्चन के साथ ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में काम किया था। फिर मैंने सीरियल ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ किया। साक्षी तंवर से मेरी अच्छी बातचीत थी। पर ऐसा नहीं था कि मैं दिन भर अभिनेताओं  के लिए काम कर रही थी।’ 

हम एक ऐसे फिल्म उद्योग का हिस्सा हैं, जहां ऐसा माना जा रहा है कि अभिनेत्रियों  को अब जाकर वैसे किरदारों के प्रस्ताव मिलने शुरू हुए हैं, जिनकी वे हकदार हैं। महिला फिल्मकार भी अचानक सबके आकर्षण का केंद्र बन गई हैं। इस बदलाव में वे खुद को कहां देखती हैं? बकौल अश्विनी, ‘आप देखिए, हृषिकेश मुखर्जी और सई परांजपे के सिनेमा का कलात्मक स्तर कभी नीचे नहीं गिरा। फिर भी उनकी फिल्मों ने अच्छी खासी कमाई की। मैं उस तरह  का सिनेमा बनाना चाहती थी। मुझे बॉक्स-ऑफिस के नंबरों ने कभी परेशान नहीं किया या इस बात ने कि मुझे स्क्रीन मिलेगी या नहीं। मैं चाहती हूं कि मैं इसी तरह का सिनेमा बनाऊं। आज सबकी नजर निर्देशकों पर है और हम खुद को बेहतर ढंग से अभिव्यक्त भी कर रहे हैं।’

अश्विनी की पहली फिल्म ‘निल बटे सन्नाटा’ थी, जिसमें अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने अभिनय किया था। यह एक मां-बेटी के रिश्ते से जुड़ी कहानी थी। महिला निर्देशक होने के नाते और उनकी पहली फिल्म की मुख्य भूमिका महिला आधारित होने के कारण क्या उन्हें पैसों को लेकर मुश्किलों का सामना करना पड़ा?

जरूरी है विविधता बनाए रखना: फातिमा सना शेख

सितारों को रास आ रहे एक रंग के परिधान

इस सवाल से वह सहमत हैं और बताती हैं,‘कहानी के पात्र समाज के एक ऐसे वर्ग से थे, जिन्हें हम सिनेमा जाते हुए कम ही देखते हैं। लेकिन इस कहानी में हम एक रिश्ते के बारे में बात कर रहे हैं! हां, फिल्म बनाने में हमें पूंजी के लिए संघर्ष करना पड़ा। पर मुझे विश्वास था कि यह कहानी दर्शकों तक जरूर पहुंचेगी। फिल्म को बनाने के बाद हम आनंद एल राय के पास गए। वह तब अपना प्रोडक्शन हाउस खोल रहे थे। फिल्म की कहानी उन्हें पसंद आई और उन्होंने फैसला किया कि यह उनकी पहली फिल्म होगी। और खुशी की बात है कि यह लोगों को पसंद आई।’

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Today everyone keeps an eye on the directors says Ashwini Iyer Tiwari