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मंच पर नुमाया होगा काबुल का किस्सा

प्रेम, दोस्ती, भलाई, बुराई और विश्वासघात से भरी एक ऐसी कहानी, जो अफगानिस्तान से जुड़ी है। इसी पर आधारित है ‘द काइट रनर’ उपन्यास, जिसे प्रसिद्ध अमेरिकी-अफगानी लेखक खालिद होसैनी ने लिखा है। यह उनका पहला उपन्यास था, जो 2003 में प्रकाशित हुआ। यह काबुल के वजीर अकबर खान जिले के एक युवा लड़के आमिर और उसके सबसे अच्छे दोस्त हसन की कहानी है, जो  अफगानिस्तान की राजशाही के पतन, सोवियत सेना के हस्तक्षेप, पाकिस्तान और संयुक्त राज्य अमेरिका में शरणार्थियों के पलायन और तालिबान शासन के उदय पर प्रकाश डालती है। यह उपन्यास दो वर्षों तक न्यूयॉर्क टाइम्स बेस्टसेलर रहा।

आगे चलकर इस पर 2007 में स्विस फिल्ममेकर मार्क फॉरस्टर ने इसी नाम से फिल्म भी बनाई, जिसकी काफी प्रशंसा हुई। अब आदित्य बिड़ला ग्रुप की संस्था ‘आद्यम’ के जरिये इसका नाटक के रूप में मंचन दिल्ली में मंडी हाउस स्थित कमानी ऑडिटोरियम में होने जा रहा है। नाटक का निर्देशन जाने-माने अभिनेता, पटकथा लेखक और थियेटर आर्टिस्ट आकाश खुराना कर रहे हैं। आकाश खुराना ने अपने करियर की शुरुआत निर्देशक श्याम बेनेगल की ‘कलयुग’ से की थी, जिसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया। इसके अलावा उन्होंने ‘आशिकी’और ‘बाजीगर’ जैसी हिट फिल्मों का लेखन किया, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया। वहीं उन्होंने कई नाटक भी लिखे।

‘दि काइट रनर’ नाटक का निर्देशन कर रहे आकाश
कहते हैं, ‘ऐसा नहीं था कि मैंने उपन्यास पढ़ा और मैं इसका बड़ा प्रशंसक बन गया। मुझे किताब अच्छी लगी। मैंने फिल्म देखी, वह भी अच्छी लगी, लेकिन जब मैंने इसे नाटक बनाने के दौरान पढ़ा, तो मुझे इससे और लगाव हो गया। मैंने फिर दोबारा किताब को पढ़ा। एक बार फिर से फिल्म देखी और तब महसूस किया कि इसमें ऐसा बहुत कुछ है, जो प्रशंसा के काबिल है। मुझे हमेशा मध्य-पूर्व या पश्चिमी एशिया में स्थापित कहानियों से लगाव रहता है, जो सांस्कृतिक रूप से काफी दिलचस्प हैं। यह एक चुनौतीपूर्ण प्रोडक्शन है, लेकिन जो कहानी है, वह वाकई शानदार है। मैं इसे लेकर बहुत उत्साहित हूं। जिन लोगों ने इस उपन्यास को नहीं पढ़ा या जिन्होंने फिल्म नहीं देखी, मैं उन्हें लेकर भी काफी उत्साहित हूं, जो पहली दफा दोस्ती और प्रेम के इस महाकाव्य के मंचन को देखेंगे। इस नाटक के मंचन में थियेटर और फिल्मों के लोकप्रिय अभिनेता जैसे कुमुद मिश्रा, आकाश खुराना, मुस्कार जफेरी, अभिषेक साहा, अधर खुराना, निपुण धर्माधिकारी, शुभ्रज्योति बड़त, लिशा बजाज, नवेंद्र मिश्रा, सार्थक कक्कड़ और सुमित राज आदि मौजूद होंगे।

दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में 5 अक्तूबर को शाम 7:30 बजे और 6 अक्तूबर को शाम 4 बजे और 7:30 बजे इस नाटक का मंचन किया जाएगा।

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  • Web Title:story of Kabul will be shown on the stage