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फिल्म की किस्मत का अंदाजा नहीं होता : राणा दग्गुबाती

यह कोई नहीं बता सकता कि किसी फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर क्या हश्र होगा। यह मानना है अभिनेता राणा दग्गुबाती का। राणा का  विश्वास है कि किसी फिल्म के भविष्य के बारे में सोचना अपना समय बर्बाद करना है। बेहतर यह होगा कि उस वक्त में कोई उपयोगी काम कर लिया जाए। 

34 वर्षीय राणा कहते हैं, ‘कोई भी एक्टर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर या डिस्ट्रीब्यूटर यह अंदाजा नहीं लगा सकता है कि कोई फिल्म चलेगी या नहीं। फिल्म बनाना एक कला है। हम एक कहानी रचते हैं, कुछ दिलचस्प किरदारों की कल्पना करते हैं और कोशिश करते हैं कि वे असल दुनिया के लोगों और असल जिंदगी की परिस्थितियों के करीब लगें। इसके बाद सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि फिल्म दर्शकों से किस कदर जुड़ पाती है।’

अभिनेताओं और निर्माताओं के परिवार से ताल्लुक रखने वाले राणा ने फिल्म को एक व्यवसाय के तौर पर बेहद नजदीक से देखा है। फिल्म इंडस्ट्री में दस साल बिताने के बाद राणा को यह एहसास हो चुका है कि यहां परिणाम के बारे में सोचे बिना लगातार काम करते रहना बेहद जरूरी है। 
फिल्म मेकिंग की कला के बारे में बात करते हुए राणा आगे कहते हैं कि प्रयोगधर्मी बने रहने से न सिर्फ फिल्म का कलात्मक पक्ष मजबूत होता है, बल्कि इससे जुड़े लोगों का व्यक्तिगत कलात्मक पक्ष भी मजबूत होता है। वह कहते हैं, ‘मुझे लगता है कि फिल्म से जुड़े लोगोें को लगातार नए-नए काम करते रहना चाहिए। हर फिल्म, जिस-जिस में मैंने काम किया, उसने इस काम से जुड़े किसी विशेष पहलू को बारीकी से समझने में मेरी मदद की। उदाहरण के तौर पर ‘दि गाजी अटैक’ एक बेहद प्रयोगधर्मी फिल्म थी। इसमें एक भी गाना नहीं था। और देखिये, इसे कितने बड़े दर्शक वर्ग ने पसंद किया। ‘बाहुबली’ सिरीज की फिल्मों के साथ भी मामला कुछ ऐसा ही रहा।’

आगे वह कहते हैं, ‘एक बात तो तय है। हालांकि फिल्म की व्यावसायिक सफलता आपके हाथ में नहीं है, पर आप फिल्मों को लेकर अपने चयन को भी खुश रहने का जरिया बना सकते हैं।’

अपनी अगली फिल्म ‘हाथी मेरे साथी’ में राणा हाथियों के साथ जंगल के परिवेश में नजर आएंगे।  इसके अलावा उनकी आगामी फिल्मों में ‘हाउसफुल 4’, ‘विराटपर्वम’ और ‘हिरण्यकश्यप’ भी शामिल हैं। राणा की हमेशा कोशिश रहती है कि वह फिल्मी पर्दे पर खुद को न दोहराएं। वह कहते हैं, ‘बार-बार एक जैसा काम करना उबाऊ होता है। दर्शक भी मुझे एक जैसा काम करते नहीं देखना चाहते। एक बार मेरे दादाजी ने मुझसे कहा था कि एक काम के लिए एक से ज्यादा बार मेहनताना मत लेना। मुझे आज तक उनकी यह बात याद है।’                                              
 

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  • Web Title:Rana Daggubati saysThe fate of the movie is not known