प्रदर्शनी : एक रंगकर्मी की कूची से... - pradarshni ek rangkarmi ki koochi se DA Image
21 नबम्बर, 2019|10:58|IST

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प्रदर्शनी : एक रंगकर्मी की कूची से...

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इब्राहिम अलकाजी रंगमंच के एक जाने-माने निर्देशक और शिक्षक थे, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि वह एक कलाकार भी थे। दिल्ली में उनकी वर्षगांठ पर उनकी कलाकृतियों की एक प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसे देखना दिलचस्प होगा।

कुछ ही लोग जानते हैं कि भारतीय रंगमंच  के जाने-माने निर्देशक और नाट्य शिक्षक इब्राहिम अलकाजी एक कलाकार भी थे। उनकी 94वीं जयंती के उपलक्ष्य में उनकी कुछ कलाकृतियों की राजधानी में एक प्रदर्शनी लगाई गयी है। ओपनिंग लाइन्स नामक इस प्रदर्शनी में पहली बार अलकाजी के 1950 और 60  के मध्य के तमाम चित्रों को कई माध्यमों के जरिये दिखाया जा रहा है। 

कवि और सांस्कृतिक सिद्धांतकार रंजीत होसकोटे द्वारा यह प्रदर्शनी इसलिए लगाई गई है, ताकि अलकाजी के कार्यों को, जो एशियाई संस्थान, लंदन (1950), जहांगीर आर्ट गैलरी, बॉम्बे (1952) और श्रीधरणी गैलरी, दिल्ली में प्रदर्शित हो चुके  हैं,  एक बार फिर दिखाया जा सके। 

होसकोटे कहते हैं, ‘यह एक शोध-आधारित और विशेष प्रकार की प्रदर्शनी है, जो अलकाजी के निपुण कार्य को प्रदर्शित करती है। उन्हें हमेशा एक थियेटर व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता है और एक कलाकार के रूप में नहीं। अलकाजी की कलाकृतियां शानदार हैं और उन्हें प्रदर्शित करते रहने की आवश्यकता है। यह पूरी तरह से भुला दिया गया है कि वह एक कलाकार भी थे। जो काम हम प्रदर्शित कर रहे हैं, उसे कई दशकों पहले दिखाया जा चुका है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से हम यह भी चाहते हैं कि लोग उन्हें एक कलाकार के रूप में भी पहचानें।

1950 के दशक के शुरुआती दिनों में किया गया अलकाजी का कार्य, द्वितीय विश्व-युद्ध के बाद के आकर्षण को दर्शाता है। वह नवपाषाण चित्र, अफ्रीकी मुखौटे और समुद्री मूर्तियों के अलावा शिकार, बलिदान के प्रमुख मिथकों को भी दर्शाता है। हालांकि 1960 के दशक के उनके चित्रों में रात के परिदृश्य, समुद्र्र के किनारे, टॉरसॉस आदि शामिल हैं। 2016 में शुरू किए गए अलकाजी थियेटर आर्काइव्स (एटीए) (एक निजी स्वामित्व वाला संग्रह) की कलाकृतियां भी प्रदर्शनी का हिस्सा रहेंगी।  यह प्रदर्शनी त्रिवेणी कला संगम की आर्ट हैरिटेज और श्रीधरणी गैलरी में 11 नवंबर तक चलेगी, जिसका समय सुबह 11 बजे से रात आठ बजे तक है।

रुचिका 
 

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