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24 जनवरी, 2020|8:03|IST

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वेब पर बढ़ती भीड़ से क्यों चिंतित हैं मनोज

बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी वेब को एक उभरता माध्यम तो मानते हैं, पर उनका यह भी मानना है कि वेब माध्यम में अब शो इतने ज्यादा बढ़ गए हैं कि ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। 

आज बॉलीवुड फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं, दोनों के लिए ही वेब एक आकर्षक माध्यम के तौर पर उभरा है। इसका एक मजेदार पहलू यह भी है कि जो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा बिजनेस नहीं कर पातीं, उनको ऑनलाइन एक नया जीवनदान मिल जाता है।  मनोज बाजपेयी की ‘सोनचिरैया’ ऐसी ही एक फिल्म है, जिसे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के बाद और ज्यादा प्रशंसा मिली। जाहिर है कि इसको लेकर मनोज खुश तो बहुत हुए होंगे। 

इस सवाल पर उनका कहना है, ‘हां, बिल्कुल। मैं इस बात को लेकर बहुत खुश हूं। लेकिन थोड़ा चिंतित भी हूं, क्योंकि कोई भी ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म खोलकर देख लीजिए, वहां आपको जबरदस्त भीड़ (बहुत ज्यादा फिल्में और सिरीज) मिलेंगी और यह भीड़ दर्शकों को सिर्फ कन्फ्यूज ही कर रही है। हालांकि यह मेरा मानना है। एक और बात, यह भीड़ बढ़ ही रही है, घट नहीं रही। इसमें ऑनलाइन प्लेटफॉम्र्स की संख्या का भी बड़ा हाथ है।’  

मनोज आगे कहते हैं, ‘ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भीड़ बढ़ने का एक कारण यह भी है कि इन सबके पास कई फिल्में और शो हैं, जिनमें से आपको चुनना होता है। अपने पसंद के हिसाब से दर्शक कुछ भी चुन सकता है। यह अपने आप में एक बड़ा काम है कि क्या देखें और क्या ना देखें। यही मेरी चिंता है। देखते हैं आगे क्या होता है? फिलहाल मैं तो नजरें गड़ाए बैठा हूं कि दर्शक कहां जाते हंै? मैं अपनी डेब्यू वेब सिरीज पर दर्शकों की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा हूं।’

रही बात मेरी फिल्म ‘सोनचिरैया’ की, तो भले ही इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा व्यवसाय ना किया हो, लेकिन अलग तरह के काम को लेकर मनोज के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। मनोज एक ऐसे अभिनेता हैं, जो बॉक्स ऑफिस की बादशाहत के असर से खुद को दूर ही रखते हैं। उनका फोकस अपने काम पर होता है।
बॉलीवुड में अपने काम को लेकर मनोज कहते हैं, ‘जब मैं छोटा था, तब मां कभी-कभी मेरी जिद पर झुंझलाकर मुझे पीट देती थीं। बचपन का वो हठ आज भी मेरे मन से गया नहीं है। इसलिए जब मैं किसी चीज को लेकर आश्वस्त होता हूं, तो फिर कोई आकर्षण या बहाना उसे डिगा नहीं पाता है। मुझे किसी चीज का डर नहीं लगता और ना ही सफलता का नशा मेरे सिर चढ़ता है। मेरे लिए सबसे जरूरी यह है कि जहां सोचा था, वहां पहुंच जाऊं और इस इंडस्ट्री को अलविदा कहने से पहले मैं वहां पहुंचूंगा भी जरूर।’